नसीम खान
सांची,,, इस स्थल के सरकारी दफ्तरों में बरसों से कर्मचारी जमे हुए हैं जो खुलेआम राजनीति से जुड़े दिखाई दे जाते हैं परन्तु आचार संहिता लागू होने के बाद भी चुनाव आयोग इन कर्मचारियों पर नकेल नहीं कस सका।
जानकारी के अनुसार इस स्थल पर सरकारी दफ्तरों में बरसों से एक हीं जगह सरकारी दफ्तरों में कर्मचारी जमे हुए हैं जिनपर आम जनता का भय नहीं रहा तथा जो खुलेआम सत्ता धारियों के साथ चिपक जाते हैं एवं खुलेआम अपनी राजनीतिक मजबूत पकड़ के चलते हिस्सा बने रहते हैं सरकारी पदों पर बैठ कर अपनी मजबूत जड़ें जमा चुके हैं तथा समय-समय पर विवादों में घिरे रहे हैं हालांकि विधानसभा चुनाव आचार संहिता लागू होने के पूर्व ही सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों की पदस्थापना हो चुकी है बावजूद इसके नगर परिषद कार्यालय में बीस बीस साल से जमे कर्मचारियों की करतूतें किसी से छिपी नहीं रही तथा खुलकर अपनी अपनी पसंदीदा राजनीतिक दलों में पैंठ के चलते न तो प्रशासन न ही शासन न ही चुनाव आयोग ही इनको इधर से उधर कर सका है जिससे आगामी विधानसभा चुनाव में लोगों को शंका बढ़ रही है जब कि चुनाव आते ही सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों को चुनाव आयोग इधर से उधर कर चुनाव में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाने का प्रयास करता है बावजूद इसके इन कर्मचारियों की राजनीतिक मजबूत पकड़ के चलते चुनाव आयोग भी इधर से उधर नहीं कर सका बताया जाता है चुनाव आयोग चुनाव पूर्व सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की लंबी पदस्थापना के चलते इधर से उधर कर देता है परन्तु इस स्थल पर जमे कर्मचारी अपनी मजबूत पकड़ के चलते इधर से उधर होने से अपने आप को बचाने में सफल हो जाते हैं । आगामी विधानसभा चुनाव के पूर्व चुनाव आयोग इन कर्मचारियों की सूची तैयार कर इन्हें इधर से उधर कर जनता मैं चुनाव की निष्पक्षता बनाने में कार्यवाही शुरू करें तथा जो इन सरकारी दफ्तरों में बरसों से जमे रहकर राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने पर रोक लगाये। जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े न हो सकें । नगर परिषद जनपद पंचायत कार्यालय सहित सरकारी स्कूलों सहित अन्य दफ्तरों से कर्मचारियों को इधर से उधर करने की जरूरत महसूस की जा रही है ।






