मुख्यमंत्री ने की धार्मिक स्थलों पर शराब बंदी की घोषणा लोगो ने किया घोषणा का स्वागत।सांची को भी मिले शराब माफिया से छुटकारा।

नसीमखान
सांची,,, हाल ही में मप्र के मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 17 धार्मिक स्थलों पर पूरी तरह शराब बंदी की घोषणा कर दी है इस घोषणा का नगर वासियों ने स्वागत किया है।सांची भी एक पवित्र बौद्ध स्थली मानी जाती हैं इस धार्मिक स्थल पर भी शराब बंदी घोषणा लागू की जाये । जिससे इस पावन स्थली को भी शराब माफिया से छुटकारा मिल सके।
जानकारी के अनुसार हाल ही में मप्र के मुखिया मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने प्रदेश के 17 धार्मिक स्थलों पर शराब माफियाओं से मुक्त करने की घोषणा की है जहाँ पूरी तरह शराब पर प्रतिबंध लग जायेगा इस घोषणा का नगर वासियों ने स्वागत किया है । तथा इस विश्व प्रसिद्ध स्थल जो पवित्र बौद्ध धार्मिकस्थल के रूप में विख्यात है यह स्थल भी बौद्ध धार्मिक अनुयायियों का पवित्र तीर्थ स्थल भी माना जाता है यह स्थल सहित सारा क्षेत्र भी पूरी तरह शराब माफिया की जकड़न मे जकड़ा हुआ है इस स्थल पर शराब माफियाओं का खुला आतंक बढ चुका है इस स्थल की पवित्रता को भी शराब माफिया खुले आम नगर भर में एवं क्षेत्र भर मे गाँव गांव घर घर तक शराब परोसने का खेल चला रहे है तथा इस पवित्र स्थली पर शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके है कि इन शराब माफियाओं के खिलाफ आम आदमी चाहते हुए भी आवाज बुलंद नहीं कर पाता है कभी कोई शराब माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत जुटा भी लेता है तो शराब माफियाओं के गुर्गे अपनी धाक के चलते धमकाकर आवाज दबाने मे सफल हो जाते है तथा शराब माफियाओं की खुली धमकी के आगे दबकर रह जाते है शराब माफियाओं के पक्ष मे सम्बंधित विभाग खुला पक्ष रखते दिखाई दे जाते है वहीं पुलिस भी पूरी तरह शराब माफिया के पक्षधर बनकर रह जाती हैं पुलिस को जब जब अवैध शराब के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करना होते है तब तब किसी न किसी गरीब शराब के आदि लोगों को बलि का बकरा बना दिया जाता है परंतु शराब माफिया अपने खेल में कामयाब हो जाते है यहां तक कि इस पवित्र स्थल पर किसी जमाने में एक शराब दुकान का लाइसेंस जारी किया जाता था वहीं अब कुछ वर्षों से इस स्थल पर शराब की दो दुकानों का लाइसेंस जारी किया जाने लगा है इतना ही नहीं दूसरी शराब दुकान तो एक धार्मिक स्थल के नजदीक ही खुलवा दी गई ।तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा शराब दुकानों के आसपास खुले अहाते पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिये गए थे परन्तु विभाग एवं पुलिस की मिली भगत के चलते पर्दे की आड मे चलते लगातार जारी है ।इतना ही नहीं इस स्थल पर शराब दुकान तमाम नियम कायदों को ताक पर रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे क्षेत्र में खुलवा दी गई हैं हद तो तब हो जाती हैं जब शराब दुकानों के सामने शाम ढलते ही मेला उमडऩे लगता है एवं दुपहिया चार पहिया वाहनों का राष्ट्रीय राजमार्ग पर जमघट लग जाता है जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन तो बाधित हो ही जाता है बल्कि दुर्घटना भी घट जाती हैं परंतु इस ओर जानते हुए भी न तो राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को ही अपने मार्ग पर ध्यान देने की फुर्सत मिल सकी न ही सम्बंधित विभाग ही अपना नियंत्रण रख सका तब पुलिस जानते हुए भी अनजान बनकर चुप्पी साध कर बैठी रहती हैं इस नगर सहित क्षेत्र भर मैं शराब माफियाओं के बढते हौसले से युवा पीढ़ी तो नशे की लत मे अपने जीवन को बर्बाद कर रही है बल्कि लोगो के घर भी उजडऩे की खबरें अक्सर देखने सुनने को मिल जाती हैं हालांकि शराब के विरूद्ध महिलाओं ने भी अनेक बार आवाज बुलंद की परन्तु प्रशासन को सुध लेने की फुरसत नहीं मिल सकी। इस मामले में लोग क्या कहते है।
शराब प्रतिबंध का धार्मिक स्थलों पर घोषणा का हम स्वागत करते हैं तथा मांग करते हैं कि इस ऐतिहासिक स्थल पर भी पूर्ण रूप से शराब प्रतिबंधित की जाये।पप्पू रैवाराम नप अध्यक्ष सांची
यह स्थल बौद्ध स्थल के रूप में विख्यात है इस स्थल पर भी पूरी तरह शराब पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।कमलकिशोर पटेल समाजसेवी सांची
इस स्थल की महत्ता भी धार्मिकता से जुडी हुई है हम मुख्यमंत्री जी की घोषणा का स्वागत करते हैं तथा इस स्थल पर भी शराब बंदी की मांग करते हैं ।संजीत वर्मा विधायक प्रतिनिधि सांची
धार्मिक स्थलों पर शराब बंदी स्वागत योग्य कदम है हम इस स्थल को भी शराब मुक्त करने की मांग करते हैं ।शंकर सिंह राजपूत
धार्मिक स्थलों पर शराब बंदी का कदम स्वागत योग्य है इस मामले में मुख्यमंत्री जी इस ऐतिहासिक स्थल को भी शराब मुक्त करने की घोषणा करें ।अंकित मेहतो कांग्रेस नगर अध्यक्ष सांची
मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई धार्मिक स्थलों पर शराब बंदी स्वागत योग्य कदम है यह नगर भी बौद्ध अनुयायियों का धार्मिक स्थल माना जाता है यहां भी पूरी तरह शराब प्रतिबंधित की जाये जिससे युवा पीढ़ी नशे से मुक्त हो सके तथा परिवार टूटने से बच सकें।विवेक तिवारी वार्ड पार्षद नप सांची

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