पूज्य संत श्रीश्री 1008 संत शरण जी महाराज का आशीर्वाद अपने छपरोड आश्रम पहुंचे भक्तगण

रिपोर्टर दीपक कुमार गर्ग

शहडोल।मैहर अखाड़ा पीठ निवृत पीठाधीश्वर पूज्य संत श्रीश्री 1008 संत शरण जी महाराज इस समय अपने छपरोड आश्रम में हैं वहीं उनके दर्शन के लिए निरंतर भक्त छपरोड आश्रम पहुंच रहे जिस तारतम में शहडोल जिले से महाराज जी के भक्त मृगेंन्द्र सिंह बघेल,अखिलेश कुमार शर्मा ,अरुण कुमार तिवारी, प्रशांत चतुर्वेदी, महाराज जी के दर्शन करने आश्रम पहुंचे और महाराज जी का आशीर्वाद लिया महाराज जी पूज्य संत श्री श्री 1008 संत शरण जी महाराज ने चर्चा के दौरान बताया कि अभी प्रयागराज कुंभ जाना है और उसके बाद अयोध्या में बनने वाले आश्रम का भूमि पूजन करना है वहीं शहडोल निवासी मृगेंन्द्र सिंह जी ने बताया की छपरौड आश्रम में संस्कृत विद्यालय भी है यहां बच्चों के रहने खाने के साथ ही संस्कृत का अध्ययन भी कराया जाता है जिसमें शहडोल संभाग रीवा संभाग जबलपुर संभाग से लगे जिले एवं ग्रामों से भक्तगणों के बच्चे शिक्षा प्राप्त करने के लिए यहां अध्यनरत हैं अपनी संस्कृति अपने सनातन धर्म के प्रचार प्रसार में संत श्री पूज्य महाराज जी ने अपना पूरा जीवन अर्पित कर दिया बता दें कि संत श्री महाराज जी 96 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं और अपने सनातन धर्म के लिए लगातार प्रयासरत हैं ऐसे संत शिरोमणि के चरणों में सादर प्रणाम जय गुरुदेव। सेवादार शिवराम शरण संत जी महाराज एवं निलेश उपाध्याय जी महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि पूज्य श्री महाराज जी के द्वारा अमरकंटक एवं व्यौहारी क्षेत्र तथा कल्याणपुर शहडोल में भी आश्रम बना है जहां महाराज जी जाते हैं और भक्तगण उनका आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं गौशाला का भी निर्माण है जहां गायों की सेवा की जाती है वहीं छपरोड आश्रम में दुर्लभ नीलकमल भी देखने को मिला बता दे कि यह नीलकमल बहुत ही दुर्लभ पुष्प है जो भगवान शिव एवं भगवान विष्णु को अति प्रिय पुष्प है जिसे महाराज जी ने स्वयं लगाया है सेवादार शिवराम शरण संत जी महाराज ने बताया कि यहां बच्चों को सनातन धर्म एवं संस्कृति की शिक्षा दी जाती है

  • editornaseem

    Related Posts

    सांची के बेसहारों को मिला सहारा, ‘अपना घर आश्रम’ ने बढ़ाया मानवीय सहयोग का हाथ

    नसीमखान सांची, रायसेन परिवार और परिस्थितियों से उपेक्षित लोगों को सहमति के साथ आश्रम ले जाकर रहने, भोजन और उपचार की व्यवस्था का भरोसासांची,,,नगर में ऐसे अनेक लोग हैं जो…

    पांव से मोहताज, फिर भी योग के प्रति उत्साह कम नहीं — पूर्व पार्षद ने घर पर किया योगाभ्यास।घुटनों की बीमारी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिया स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश

    नसीमखान सांची, रायसेनसांची,,,नगर के पूर्व पार्षद रतन लाल जायसवाल पिछले लगभग एक वर्ष से घुटनों की बीमारी से पीड़ित होने के कारण घर पर आराम कर रहे हैं। बावजूद इसके,…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सांची के बेसहारों को मिला सहारा, ‘अपना घर आश्रम’ ने बढ़ाया मानवीय सहयोग का हाथ

    सांची के बेसहारों को मिला सहारा, ‘अपना घर आश्रम’ ने बढ़ाया मानवीय सहयोग का हाथ

    पांव से मोहताज, फिर भी योग के प्रति उत्साह कम नहीं — पूर्व पार्षद ने घर पर किया योगाभ्यास।घुटनों की बीमारी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिया स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश

    पांव से मोहताज, फिर भी योग के प्रति उत्साह कम नहीं — पूर्व पार्षद ने घर पर किया योगाभ्यास।घुटनों की बीमारी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिया स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश

    री-नीट परीक्षा से वंचित रहीं छात्राएं, केंद्र पर हुआ हंगामा

    • By admin
    • June 22, 2026
    • 2 views
    री-नीट परीक्षा से वंचित रहीं छात्राएं, केंद्र पर हुआ हंगामा

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर स्तूप परिसर में उमड़ा जनसमूह, स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने की शिरकत

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर स्तूप परिसर में उमड़ा जनसमूह, स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने की शिरकत

    साँची विश्वविद्यालय में योगाभ्यास एवं योगिक क्रियाओं का प्रदर्शन, 60 पौधों का रोपणकिया।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग, पंचकर्म, नेचुरोपैथी और स्वस्थ जीवनशैली का दिया संदेश

    साँची विश्वविद्यालय में योगाभ्यास एवं योगिक क्रियाओं का प्रदर्शन, 60 पौधों का रोपणकिया।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग, पंचकर्म, नेचुरोपैथी और स्वस्थ जीवनशैली का दिया संदेश

    कमाल की तैयारी 2026″ अभियान: अभिभावक बन रहे बच्चों के लर्निंग पार्टनरस्कूल में प्रवेश से पहले बच्चों की समग्र तैयारी के लिए गतिविधि आधारित सीख और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर।

    कमाल की तैयारी 2026″ अभियान: अभिभावक बन रहे बच्चों के लर्निंग पार्टनरस्कूल में प्रवेश से पहले बच्चों की समग्र तैयारी के लिए गतिविधि आधारित सीख और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर।