नसीमखान
रायसेन,
जिला स्वास्थ्य समिति अंतर्गत स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक तथा दस्तक अभियान की तैयारियों के संबंध में कलेक्टर श्री अरूण विश्वकर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक सम्पन्न हुई। कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए सीएमएचओ, सिविल सर्जन सहित सभी चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि नागरिकों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। जिले में स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा अभियानों का बेहतर क्रियान्वयन किया जाए, जिससे कि सभी नागरिकों तक उनका लाभ पहुंचे।
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने मातृ और शिशु स्वास्थ्य, कायाकल्प कार्यक्रम तथा लक्ष्य, परिवार नियोजन, एनसीडी, एचडब्ल्यूसी, आयुष्मान भारत सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जिले में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले में चिकित्सक की लापरवाही से माता या शिशु की मृत्यु जैसी घटना नहीं होनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। हाईरिस्क वाली गर्भवती महिलाओं का नियमित फॉलोअप लें। कलेक्टर ने कहा कि शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में महिला बाल विकास विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग समन्वित प्रयास करें। उन्होंने सभी बीएमओ को गृह प्रसव की पृथक से रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में दस्तक अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने का कहा कि जिले में 18 फरवरी से 18 मार्च 2025 तक दस्तक अभियान का द्वितीय चरण चलेगा। जिले में सुनिश्चित किया जाए कि 09 माह से 05 वर्ष तक के समस्त बच्चों को आयु अनुसार विटामिन ए की खुराक पिलाई जाए, कोई भी लक्षित बच्चा छूटे नहीं। साथ ही पूर्व के चरण में चिन्हित एनेमिक बच्चों में पुनः हीमोग्लोबिन की जांच की जाए। चिकित्सा अमला छूटे हुए हितग्राही बच्चों को मॉप-अप दिवस के दौरान उनके घर जाकर खुराक पिलाएंगे। बैठक में सीएमएचओ डॉ दिनेश खत्री, सिविल सर्जन डॉ अनिल ओढ, जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला क्षय अधिकारी सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सक और बीएमओ उपस्थित रहे।






