नसीमखान
सांची,,
सांची नगर में नाला निर्माण के नाम पर प्रशासन द्वारा किए जा रहे विकास कार्य ने नगरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगभग पौने तीन करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ यह नाला निर्माण, जहां एक ओर वर्षा ऋतु में जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग व स्थानीय सड़कों पर आवागमन दूभर हो गया है।
जानकारी के अनुसार नगर में बरसात के पानी का घरों में भरने से रोकने हेतुनाला निर्माण स्वीकृत किया गया था लंबे अरसे बाद प्रशासन द्वारा जारी तकनीकी दस्तावेजों के अनुसार, यह निर्माण कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग की सीमा के बाहर किया जाना था, परंतु वर्तमान में यह नाला कई स्थानों पर राजमार्ग की सीमा के भीतर बनने की सुगबुगाहट बढ गई है इससे यह आशंका गहराने लगी है कि भविष्य में जब राजमार्ग चौड़ीकरण कार्य किया जाएगा, तब इस नाले का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।तथा सरकार की राशि को पलीता लगने से इंकार नहीं किया जा सकता ।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस कार्य में निर्माण गुणवत्ता पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उपयंत्री की अनुपस्थिति में निर्माण एजेंसी मनमाने तरीके से कार्य कर रही है। कई स्थानों पर नाले को ‘नागिन की तरह टेढ़े-मेढ़े’ रूप में बनाया गया है, जिससे पानी की निकासी में बाधा उत्पन्न होने की संभावना बन गई है ।
स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए नाले के स्वरूप में बदलाव किया गया है, जबकि छोटे दुकानदारों और गुमठी धारियों के रोजगार छिन गए हैं। जिससे इन गुमठी धारियों के सामने रोजगार की समस्या खडी हो गई है ।
उल्लेखनीय है कि खुदाई से निकली मिट्टी को सर्विस रोड पर बिछा दिया गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों को पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है और उन्हें तेज रफ्तार वाहनों वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है। एवं भारी वाहनों की आवाजाही के बीच किसी बडी अनहोनी की संभावना बलवती हो गई है परन्तु इस ओर सम्बंधित ध्यान देने की जहमत नहीं उठा पा रहे हैं।
इस पूरे प्रकरण पर जब उपयंत्री से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो वे फोन तक नहीं उठा पाए, जिससे प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही की पुष्टि होती है।हालांकि इस नाले निर्माण में गडबडी को देखते हुए सीएमओ द्वारा उपयंत्री को नोटिस जारी करते हुए विगत दिनों स्पष्टीकरण मांगा था बावजूद इसके उपयंत्री की लापरवाही कहीं न कही निर्माण की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगा रही है हालांकि इस निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधियों का असंतोष भी फूट चुका है ।
अब इस निर्माण ने नगर वासियों के सामने सडको पर मिट्टी डलने से आवाजाही पूरी तरह बंद हो चुकी है हालांकि इन सर्विस रोडो का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा नगर वासियों की सुरक्षा को देखते हुए करवाया गया था सर्विस रोडो पर जगह जगह गहरे गढ्ढे खुदवा कर दुर्घटना के लिए छोड़ दिये गए हैं इन सर्विज रोडो के किनारे व्यवसाइयों के व्यवसाय भी ठप्प पड चुके है ।परन्तु राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को अपनी सडको की सुध लेने की फुरसत नहीं मिल पा रही हैं जिससे आसानी से अंदाजा लगाया जा रहा है कि कहीं न कहीं राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग में बैठे अधिकारियों की मिलीभगत पर भी सवाल उठने लगे हैं ।
बहरहाल इस नगर में सुंदरता के नाम पर करोड़ों की राशि खर्च होती हैं तथा यह सुंदरता कुछ ही समय रह पाती हैं फिर नये निर्माण के नाम पर सरकार को करोडों रुपये की राशि पर पलीता लग जाता है तथा नगर की सुंदरता तहसनहस होकर रह जाती है ।अब नगर वासियों मे भी चर्चा तेज हो चली है कि इस नगर में करोड़ों की खर्च राशि की उच्च स्तरीय जांच निष्पक्षता से हो जाये तो बडे स्तर पर सरकारी राशि मे हुए गोलमाल की कल ई खुलने से इंकार नहीं किया जा सकता है।






