नसीमखान सांची
सांची:
विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगरी सांची इन दिनों बिजली की बदहाल व्यवस्था से जूझ रही है। लगातार हो रही बिजली की आंखमिचौली ने नगरवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। भीषण गर्मी के इस दौर में जहां लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, वहीं बार-बार बिजली गुल होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
जानकारी के अनुसार नगर में बिजली आपूर्ति की अनियमितता के कारण न केवल आमजन परेशान हैं, बल्कि जल प्रदाय व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ने के बावजूद बिजली कटौती के चलते जलापूर्ति बाधित हो रही है, जिससे लोगों को दोहरी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में फसलें तैयार होने के चलते सुरक्षा की दृष्टि से बिजली कटौती की जा रही है, लेकिन ऐतिहासिक महत्व वाले इस नगर में बिजली व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इसके बावजूद बार-बार ओवरलोड और केबल के गर्म होकर शॉर्ट होने की समस्या सामने आ रही है, जो गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है।
इतना ही नहीं, नगर में लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई स्ट्रीट लाइट व्यवस्था भी दम तोड़ती नजर आ रही है। रात के समय खंभे तो खड़े दिखाई देते हैं, लेकिन सड़कें अंधेरे में डूबी रहती हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना रहता है। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दे रहे हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार और जनप्रतिनिधि:
व्यापारी महासंघ अध्यक्ष संतोष दुबे का कहना है कि नगर की ऐतिहासिक पहचान को देखते हुए बिजली कंपनी को व्यवस्था सुधारने के गंभीर प्रयास करने चाहिए।
वहीं पार्षद विवेक तिवारी ने कहा कि बिजली की अनियमितता से जल प्रदाय व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है, इसलिए अधिकारियों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
इधर जेई मनीष श्रीवास्तव का कहना है कि कर्मचारियों को बिजली व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में बकाया वसूली अभियान चल रहा है तथा अनावश्यक परमिट पर रोक लगाकर आपूर्ति को सुचारू बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
यदि समय रहते बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो सांची की पहचान पर भी इसका असर पड़ना तय है।





