नसीमखान
सांची,,
ऐतिहासिक पर्यटन नगरी सांची में लंबे समय से चल रहा नाले का निर्माण दुकानदारों और स्थानीय व्यवसायियों के लिए मुसीबत बन गया है। पौने तीन करोड़ की लागत से हो रहा यह निर्माण कार्य कछुआ गति से आगे बढ़ रहा है, जिससे रोज़मर्रा की गतिविधियों पर बुरा असर पड़ रहा है।
एनएच किनारे बन रहे इस नाले की चौड़ाई करीब चार फीट और गहराई पांच फीट है। कुछ दुकानों के सामने इसका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन खुले छोड़ दिए गए निर्माण स्थल लोगों के लिए खतरे का कारण बन गए हैं। इससे न सिर्फ दवा दुकानों और निजी क्लीनिकों तक मरीजों की पहुंच बाधित हो रही है, बल्कि स्थानीय दुकानदारों का व्यवसाय भी लगभग ठप्प हो चुका है।
इन दिनों बेमौसम बारिश के चलते मिट्टी सड़कों पर फैल चुकी है, जिससे कीचड़ और फिसलन की स्थिति बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के कारण आए दिन मरीजों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण में सबसे बड़ी बाधा अतिक्रमण बना हुआ है, जिसे हटाने में प्रशासन असहाय नजर आ रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि प्रभावी अतिक्रमणकारियों के सामने प्रशासन की कार्रवाई लचर हो चुकी है।
व्यवसायियों ने नगर परिषद सीएमओ श्री रामलाल कुशवाह से मिलकर अपनी समस्याएं रखीं। सीएमओ ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है, जबकि नगर परिषद जनप्रतिनिधि भी लगातार नाले निर्माण हेतु प्रयास रत हैं बावजूद इसके अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह खुला नाला पड़ा रहा तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
अब सवाल यह है कि अगर कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि निर्माण कार्य में तेजी लाए, अतिक्रमण हटाने की प्रभावी कार्यवाही करे और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे।






