नसीमखान
रायसेन (सिलवानी)। जिले के सिलवानी क्षेत्र के पलोहा गांव से कांग्रेस विधायक देवेन्द्र पटेल के दो वर्षीय पोते दिव्यम का अपहरण कर लिया गया था। यह वारदात गुरुवार सुबह लगभग 11 बजे हुई, जब दिव्यम घर के आंगन में खेल रहा था। अचानक उसके लापता हो जाने से परिवार में हड़कंप मच गया। काफी तलाश के बाद जब बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला, तो मामला थाने में दर्ज कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रायसेन पुलिस ने इसे चुनौती के रूप में लिया और आखिरकार 14 घंटे के भीतर मासूम को सकुशल बरामद कर लिया गया।
इस घटना से पूरे सिलवानी क्षेत्र में सनसनी फैल गई। विधायक देवेन्द्र पटेल स्वयं गांव पहुंचे। सूचना मिलते ही एसपी पंकज कुमार पांडे और एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे मौके पर पहुंचे और सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।
सुनियोजित थी साजिश, परिवार का सदस्य निकला मास्टरमाइंड
जांच में पता चला कि इस अपहरण की योजना पंद्रह दिन पहले ही बना ली गई थी। मुख्य आरोपी अरविन्द पटेल, जो कि पीड़ित परिवार का सदस्य है, ने अपने साथियों राहुल कुर्मी और उमेश कुर्मी के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। अरविन्द को परिवार और घर की गतिविधियों की पूरी जानकारी थी, जिसका उसने फायदा उठाया।
अपहरण के लिए आरोपियों ने पहले भोपाल में एक कमरा किराए पर लिया था, लेकिन वाहन खराब होने के कारण बच्चा छिंदवाड़ा ले जाया गया। रास्ते में मासूम को नींद की गोलियां दी गईं। वहीं, अरविन्द पटेल पुलिस और परिवार के साथ मिलकर दिखावटी रूप से बच्चे की तलाश में लगा रहा।
बच्चे के अपहरण के बाद आरोपियों ने परिवार से डेढ़ किलो सोना फिरौती में मांगा और धमकी दी कि मना करने पर बच्चे को जान से मार दिया जाएगा।
पुलिस की तत्परता से हुई सफलता।
पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडे के नेतृत्व में दस विशेष टीमों का गठन किया गया, जिसमें रायसेन जिले के अलावा छिंदवाड़ा और भोपाल की टीमें भी शामिल रहीं। शक के आधार पर जब अरविन्द से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने छिंदवाड़ा में दबिश देकर राहुल कुर्मी और उमेश कुर्मी को गिरफ्तार किया और दिव्यम को सकुशल बरामद कर लिया।
इस पूरी कार्यवाही में इस्तेमाल की गई दो इको गाड़ियाँ, बाइक, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
सराहनीय पुलिस कार्य।।
इस सफलता में एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे, एसडीओपी आलोक श्रीवास्तव (बेगमगंज), एसडीओपी अनिल मोर्य (सिलवानी), निरीक्षक राजीव उइके (बेगमगंज), निरीक्षक कपिल गुप्ता (बरेली), निरीक्षक पूनम सविता (सिलवानी) सहित रायसेन, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, भोपाल और साइबर सेल की टीमों की भूमिका अहम रही।
बच्चे को सकुशल बरामद कर एसडीओपी अनिल मोर्य ने परिवार को सौंपा। विधायक देवेन्द्र पटेल ने रायसेन पुलिस और प्रशासन का आभार जताते हुए त्वरित कार्रवाई की सराहना की। इस घटनाक्रम में रायसेन पुलिस की तेजी और कुशलता की चारों ओर प्रशंसा हो रही है।






