जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
प्रदेश संवाददाता,दिलेश्वर चौहान
गांडा़ दलित समाज, का
पिछले दिन ग्राम ठाकुर पाली में हुए गांडा़ समाज के भगालु राम चौहान पत्नी पार्वती चौहान वह परिवार के साथ मामूली विवाद को लेकर मारपीट घटना हुआ था।
जो अब् तूल पकड़ने लगा है।
गांड़ा समाज गरीब और अनुसूचित जाति, दलित समाज ,का होने के कारण बार-बार जातिगत अपमान हो रहा है ।
पुसौर थाना रायगढ़ में भागालू राम चौहान ने रिपोर्ट दर्ज कराया था
कि गांव के कोलता समाज ,केआरोपी खुले आम कह रहे हैं । उनके घर घुसकर जातिगत गाली गलौज किया सामान को फेंक दिया और मारपीट किया और कह रहे हैं
जब तक गांव में पुलिस आ रही है तुम लोग सुरक्षित हो, जिस दिन पुलिस हटेगी तुम लोगों को गांव से निकाल देंगे।
उन्होंने बताया कि रात 10:00 बजे वह घर में तोड़फोड़ किए गाली गलौज कर मारपीट कर घर से निकलाने की धमकी दे रहा है जिसे अनुसूचित जाति उत्पीड़न निवारणअधिनियम के तहत कार्यवाही कर बाहर घूम रहे आरोपियों को गिरफ्तार करने की गुहार लगाई है।
अब समाज के ब्लॉक जिला एवं पूरा छत्तीसगढ़ में समाज के पदाधिकारी ने हुंकार भरते हुए समाज को एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने को कहा है भगालु चौहान ने बताया कि उनके बेटे रमेश चौहान और दिलीप प्रधान के बीच मामूली झगड़ा को लेकर गांव के प्रभावशाली ऊंची जाति के लोगों ने उन्हें गांव से निकालने का धमकी दिया है केस के गंभीरता को देखते हुए अदालत में चारों आरोपियों को इंटरसिटी एक्ट के तहत जेल भेज दिया है एवं उसकी जमानत खारिज कर दी। अब समाज के वरिष्टों पदाधिकारी ने अपमान की एवं जान माल की सुरक्षा के लिए पूरे समाज को आगे कर रहे हैं।
जिसकी शुरुआत परिवार से मिलकर उन्हें न्याय दिलाने के लिए आश्वासन दिया है।
बार-बार अपमान मानसिक प्रताड़ना जाति आधारित गली भेदभाव करने पर विरोध करने के लिए पूरे छत्तीसगढ़ के चौहान समाज को एकजुट होने पर आह्वान किया है। जिसमें मुख्य रूप से खुशीराम चौहान मुख्य संरक्षक अमित चौहान जिला अध्यक्ष चेहरा लाल चौहान ब्लॉक अध्यक्ष लोचन चौहान गणपत चौहान वरिष्ठ समाज सेवक बंसी चौहान और समाज के पदाधिकारी शामिल हुए। ग्राम ठाकुर पाली में हुए दलित समुदाय से संबंध रखने वाले भागलु चौहान के घर पर कुछ दबंग ग्रामीणों ने जाति सूचक गालियां शारीरिक हमले तोड़ फोड़ और परिजनों को गांव से छोड़ने की धमकी दी, यह अब पूरे छत्तीसगढ़ में सामाजिक मूल्य और मानवता को संसार करती है।
ग्राम पुसौर के इस घटना ने समाज के युवा से मामूली झगड़ा हुआ था गांव के दबंग बड़ी जाति के लोगों ने आज के समय में भी छोटी गरीबों जाति को प्रताड़ित करने का मामला फिर सामने आया है इसके पहले कमल चंद्र ने भी रामायण मंडली में महिलाओं को जाति सूचक गली देकर नवधा मंच से नीचे धकेल दिया था समाज के वरिष्ठ लोगों ने पूरे शक्ति जिले में एकजुट होकर कमल चंद्र को भागने पर मजबूर कर दिया था एवं उनका जमानत भी खारिज हो गया था चिंगारी फिर आज बनकर गांड़ा समाज को प्रताड़ित करने पर तुली है
समाज के पदाधिकारी ने उच्च स्त्री निष्पक्ष जांच करने की मांग एसपी से की है।






