नसीमखान
सांची।
भीषण गर्मी ने शहरवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। असमय शुरू हुआ मानसून पूरी तरह थमता नजर आ रहा है और आसमान साफ होते ही गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। रविवार को शहर का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ।
तेज धूप और भीषण लू के चलते शहर के बाजारों में सन्नाटा छा गया। लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में दुबक गए। जो कुछ लोग बाहर निकले भी, वे छाँव और ठंडे पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आए। सड़कों पर आम दिनों की अपेक्षा बहुत कम चहल-पहल देखने को मिली। बाहरी क्षेत्रों से आए ग्रामीण लोग भी पेड़ों की छाँव में विश्राम करते दिखे।
खाद्य सामग्री की दुकानों पर भी ग्राहकों की कमी देखी गई, जिससे दुकानदारों के व्यापार पर असर पड़ा। सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति कम रही और जहाँ-तहाँ कूलर और पंखों की आवाजें ही सुनाई देती रहीं।
इस चढ़ते तापमान के बीच बिजली की अनियमित आपूर्ति ने परेशानी और बढ़ा दी है। जब बिजली चली जाती है तो लोग तपते घरों को छोड़ बाहर निकलने को मजबूर हो जाते हैं, लेकिन बाहर आग बरसाते आसमान के नीचे राहत मिलना भी मुश्किल हो जाता है। लोग अब बेसब्री से मानसून के आगमन का इंतजार कर रहे हैं ताकि इस भीषण गर्मी से राहत मिल सके।
वहीं, किसानों के लिए यह समय और भी कठिन साबित हो रहा है। आगामी फसलों की तैयारी में जुटे किसान, झुलसती धूप और तपती जमीन के बीच खेतों में पसीना बहाने को मजबूर हैं। खुले आसमान के नीचे काम कर रहे किसानों को गर्मी की तपिश सहन करनी पड़ रही है।
बढ़ता तापमान न केवल आम लोगों बल्कि व्यवसायियों और किसानों के लिए भी चुनौती बन गया है। अब सभी की निगाहें आसमान की ओर टिकी हैं — इस उम्मीद में कि जल्द ही मानसून की पहली बारिश राहत लेकर आएगी।






