जांजगीर-चांपाछत्तीसगढ़
प्रदेश संवाददाता, दिलेश्वर चौहान
हजारो कि एतीहासीक भिड़
छत्तीसगढ़ के समाजीक पर्तीनिधी11जुन को तूता,नवा रायपूरसमाजिक न्याय का केन्द्र बन गया ।
जब कई हजार कि भिड़ संवैधानिक अधिकार के लिए धरना प्रदर्शन किया।
छत्तीसगढ़ कि राजधानी रायपुर के तुता मैदान पर आरक्षित वर्ग के संवैधानिक अधिकारों किबहाली के लिए राज्यवयापि विसाल धरना प्रदर्शन हुआ।
जिसमें छत्तीसगढ़ आरक्षित वर्ग अनुसूचित जाति, अधिकारी कर्मचारी फ़ेडरेशन के आह्वान पर अनुसुचित जाती, एवं अनुसूचित जनजाति समाज प्रमुखो की आमसभा के निरणय अनुसार सम्पन्न हुआ।
जिसमें सर्व गांडा़ समाज, के वरिष्ठ समाजसेवक गनपत चौहान, समाजसेवी लक्ष्मी नाग , ने स्पष्ट कहा संवैधानिक अधिकार बाबा साहेब डा अम्बेडकर कि देन है। गरिबों, कर्मचारी के हित को ध्यान में रखते हुए,
जिसे सत प्रतिशत लाभ मिलना चाहिए।
चार रोज़ पहले रायगढ़ में मुख्यालयों से सटे न्यालय समिप ,
बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर प्रतिमा पर कालीख पोतने वाले तत्व को देशद्रोही का मुकदमा दर्ज करने अन्यथा आंदोलन कि चेतावनि दिया था ।
तब तिन सरारतियत्व को जेल भेजा गया ,अब देखना है समर्थन देने वाले प्रमुख समाज अपनी मांगों को लेकर किया रणनिती अपना कर,
संवैधानिक अधिकारों को लागु करवाते हैं।






