नसीमखान
सांची,,
नगर से लगभग दस किलोमीटर दूर स्थित ग्राम चिरोली और मरमटा में सोमवार दोपहर अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के चलते दर्जनों मकानों के छप्पर उड़ गए, कच्ची दीवारें गिर गईं, और सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए। कई बिजली के खंभे भी टूटकर सड़कों पर गिर पड़े, जिससे दोनों गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस भीषण तूफान से लगभग 80 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई घरों के कबेलू व छप्पर हवा में उड़ गए, जबकि कुछ मकानों की दीवारें पूरी तरह जमींदोज हो गईं। भारी नुकसान की चपेट में आए ग्रामीणों में जगदीश लोधी, मानसिंह लोधी, रेवाराम, हिम्मत सिंह लोधी, प्रताप सिंह लोधी, नन्नू सिंह लोधी, राजेश वंशकार, मोहन सिंह, जीवन सिंह, राजकुमार, मनफूल, सुरेंद्र सिंह सहित दर्जनों परिवार शामिल हैं।
तूफान के कारण हिम्मत सिंह की बोलेरो पर दीवार गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं कई ट्रैक्टर और बाइकें भी मलबे में दब गईं। कुछ मवेशियों की मौत की भी खबर है, जबकि अनेक पशु घायल हो गए।
सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और अतिरिक्त तहसीलदार श्रीमती नियति साहू, हल्का पटवारी महेश सूत्रधार सहित राजस्व विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया और राहत कार्यों की रूपरेखा तय की।
क्या कहते है जिम्मेदार।
“चिरोली और मरमटा गांव में आंधी-तूफान से हुए नुकसान का निरीक्षण कर लिया गया है। संबंधित पटवारी को सर्वे कर प्रतिवेदन शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन के नियमानुसार सभी प्रभावितों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।”
— नियति साहू, अतिरिक्त तहसीलदार, सांची।
ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा शीघ्र राहत उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। सर्वे के बाद जल्द ही मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।






