नसीमखान
रायसेन,
प्रधान जिला न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अनिल कुमार सोहाने के मार्गदर्शन में 26 जून 2025 को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर ग्राम संग्रामपुर, ग्राम पाली, ग्राम मुरैलकला, ग्राम मुरैल खुर्द एवं ग्राम डाबरा इमलिया में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन गांव के ग्राम पंचायत भवनों, आंगनवाडी केन्द्रों व शासकीय विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। गौरतलब है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देषानुसार नषीले पदार्थो के दुरूपयोग के पीड़ितों को सहायता प्रदान करने के लिए जिला स्तर पर डॉन- ड्रग अवेयरनेस एण्ड वेलनेस नेविगेशन- ड्रग फ्री इंडिया योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है।
शिविरों में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायसेन श्रीमती हर्षिनी यादव ने कहा कि नशा अपराध का मूल कारण है। उन्होंने व्यक्त किया कि पारिवारिक विवादों में भी मूल कारण नशा होता है। नशे की लत के कारण लोग अपराधों में भी लिप्त हो जाते हैं। इसलिए हमें नशे से दूर रहना चाहिए और जो व्यक्ति किसी भी प्रकार का नशा करते हैं वे दृढ इच्छाशक्ति से नशे की लत से मुक्ति पा सकते हैं।
शिविर में उपस्थित जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री अनीस उद्दीन अब्बासी द्वारा नशे के संबंध में जानकारी देते हुए उपस्थित जनो को नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि नवयुवकों, किशोरों एवं बालकों में ड्रग तस्करी एवं दुरूपयोग की असाधारण बढ़ोतरी गंभीर व जटिल निहितार्थ सूचित करती है। जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित करती है। इस की रोकथाम राज्य के साथ-साथ समाज की सर्वोत्तम प्राथमिकता होनी चाहिए। नशे से बचाव के लिए हमें विद्यालयों, महाविद्यालयों के साथ-साथ माता-पिता एवं शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में नशीले पदार्थों के बचाव के संबंध में जागरूकता फैलानी होगी। शिविरों में ग्रामों के सरपंच, सचिव, विद्यालयों के षिक्षकगण, ग्रामीणजन एवं पैरालीगल वालेंटियर सम्मिलित हुए।






