नसीमखान
सांची,,
नगर में दो दिन से हो रही मूसलधार बारिश ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। नगर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है, जिससे अस्पताल परिसर, स्तूप मार्ग, रामलीला मैदान, पुरातत्व विभाग कॉलोनी, हेडगेवार कॉलोनी समेत कई इलाकों में जलमग्न जैसे हालात बन गए हैं। जगह-जगह पानी भरने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर परिषद एवं राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए नाले भी जलनिकासी में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। परिणामस्वरूप, नगरवासी तो परेशान हैं ही, यहां आने वाले पर्यटकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
बताया गया है कि नगर परिषद द्वारा लगभग पौने तीन करोड़ रुपये की लागत से दो किलोमीटर लंबा नाला राष्ट्रीय राजमार्ग के समानांतर बनाया जाना था। लेकिन लापरवाही के चलते निर्माण अधूरा रह गया और बरसात शुरू हो गई। अब बारिश का पानी निकल नहीं पा रहा है, तब आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि दो विभाग के बडे बडे नाले भी बारिश के पानी निकासी मे नाकाम साबित हो कर रह गए हैं। जिससे नगर के कई हिस्सों में स्थिति और अधिक बिगड़ गई है।
नगर की बदहाल स्थिति को देखते हुए वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद विवेक तिवारी ने नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) रामलाल कुशवाहा को मौके पर बुलाया और स्थिति से अवगत कराया। निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने शीघ्र जलनिकासी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विकास के नाम पर सिर्फ योजनाओं की घोषणाएं होती हैं, लेकिन धरातल पर हालात बिल्कुल विपरीत हैं। करोड़ों की लागत से बनाए गए नाले महज दिखावा साबित हो रहे हैं और सरकारी धन की बर्बादी का प्रतीक बनते जा रहे हैं।
बहरहाल, सांची जैसे ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थल की यह हालत चिंताजनक है। यदि समय रहते जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, तो नगरवासियों को और भी बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।






