नसीमखान
रायसेन,
कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा के निर्देशानुसार तथा वनमण्डलाधिकारी सामान्य रायसेन श्रीमति प्रतिभा शुक्ला के मार्गदर्शन में जिले में वनोपज की अवैध कटाई और परिवहन करने वालों के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। उपवनमण्डलाधिकारी
सामान्य सिलवानी श्री इन्दर सिंह बारे के सहयोग से वन परिक्षेत्र जैथारी अंतर्गत मुखबिर की सूचना पर दिनांक 02 अगस्त को प्रातः लगभग 04ः15 बजे ग्राम शालावर्स में एक महिन्द्रा बोलेरो मेक्सिट्रक प्लस पिकअप वाहन क्रमांक डच्13ळ।6019 में सागौन इमारती 19 नग को अवैध परिवहन करते हुए वन अमले द्वारा पीछा कर रोककर वनोपज के संबंध में पूछताछ की गई। अपराधियों द्वारा उक्त वनोपज को जंगल से काटकर लाना बताया गया।
अवैध रूप से सागौन परिवहन करते हुए पाये जाने पर तत्काल मौके पर 01 वाहन महिन्द्रा बोलेरो मेक्सिट्रक प्लस पिकअप सागौन ईमारती नग – 19 एवं 01 मोटर साईकिल हीरो पैशन प्रो रजिस्ट्रेशन नम्बर डच्49र्क्6397 एवं आरोपी ईराश खॉन आ0 हनीफ खॉन निवासी झिरीयाखेडा, तहसील केसली जिला सागर की निशानदेही पर एक मोटर साईकिल हीरो पेसन एक्सप्रो ब्ळ15ब्स्1580 की जप्ती की कार्यवाही की गई। मौके से 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया और बाकी आरोपी रात्रि मे अंधेरा का फायदा उठा कर फरार हो गया। इसके पश्चात् आरोपी के बताये अनुसार पप्पू खॉन (सलीम) निवासी खमरिया तहसील सिलवानी जिला रायसेन के यहां सर्च वारन्ट लेकर घर पर तलाशी ली गई, जिसमें उसके नवनिर्मित मकान मे सागौन चिरान 28 नग 0.204 घ.मी. वनोपज को जप्त किया गया। अज्ञात वाहन में जप्ती की कार्यवाही कर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 46317/2 दिनांक 02 अगस्त 2025 जारी प्रकरण में की गई कार्यवाही में एक पिकअप वाहन, दो मोटर साईकिल एवं सागौन ईमारती नग 47 घन मीटर 1.817 को जप्त कर विवेचना में लिया गया। वन अपराध प्रकरण में जप्त मोटर साईकिल डच्49र्क्6397 को वन अमले द्वारा शालाबरू से रेंज कार्यालय जैथारी लाया जा रहा था जिसको पप्पू खॉन (सलीम) निवासी खमरिया तहसील सिलवानी जिला रायसेन द्वारा अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ वन स्टाफ पर हमला करके छीन लिया गया। जिसके संबंध में पुलिस थाना सिलवानी में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस कार्यवाही में उप वनम ण्डलाधिकारी सामान्य सिलवानी श्री इन्दर सिंह बारे, वन परिक्षेत्राधिकारी जैथारी श्री रोहित पटैल, चौकी प्रभारी जैथारी श्री अरविंद पाण्डेय परिक्षेत्र सहित वनरक्षक एवं सुरक्षा श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






