नसीमखान
हजारों शिवभक्तों ने लगाए “बोल बम” के जयकारे, मार्गों पर हुआ पुष्पवर्षा से स्वागत
सांची,,
श्रावण मास की पावन बेला में आज नगर में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा से ओतप्रोत भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस पवित्र यात्रा का शुभारंभ हनुमान मंदिर, कानाखेड़ा से हुआ, जहां मंदिर महंत श्री चंद्रमा दास त्यागी महाराज के सान्निध्य में विधिवत पूजा-अर्चना कर कांवड़ यात्रा का श्रीगणेश हुआ।
यह आध्यात्मिक यात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर रंगई गणेश मंदिर पहुंची, जहां भक्तों ने विधिपूर्वक जल भरा। इसके उपरांत कांवड़ यात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः हनुमान मंदिर पहुंची। समापन स्थल पर शिवभक्तों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की गई और प्रसादी वितरण के साथ यात्रा का समापन हुआ।
यात्रा मार्ग में नगरवासियों ने श्रद्धा भाव से कांवड़ियों का जगह-जगह स्वागत किया। मार्गों पर भव्य तोरण द्वार सजाए गए थे और पुष्प वर्षा कर शिवभक्तों का अभिनंदन किया गया। सम्पूर्ण नगर “बोल बम”, “हर हर महादेव” और “जय शिव शंकर” के जयघोष से गूंज उठा।
इस पवित्र यात्रा में नगर सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। भक्तिमय वातावरण में हर कोई शिवमय हो उठा।
महंत श्री चंद्रमा दास त्यागी महाराज ने कहा कि
“श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित है। कांवड़ यात्रा का उद्देश्य केवल जल चढ़ाना नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, सेवा और संयम के मार्ग पर चलना है। नगर में हर वर्ष श्रद्धा की यह जोत बढ़ रही है, जो अत्यंत हर्ष का विषय है।”
कमलकिशोर पटेल, ने कहा कि
“कांवड़ यात्रा में युवाओं का उत्साह और महिलाओं की आस्था देखकर मन गदगद हो गया। हर वर्ष यह आयोजन और भव्य स्वरूप ले रहा है। नगरवासियों का सहयोग सराहनीय है।”
संजीत वर्मा, युवा शिवभक्त ने कहा कि
“इस यात्रा में भाग लेना सौभाग्य की बात है। शिव के प्रति यह भक्ति हमें संयम, साहस और सेवा की प्रेरणा देती है। जो अनुभूति इस यात्रा में होती है, वह अवर्णनीय है।”
कांवड़ यात्रा की सफलता एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल द्वारा पूरे मार्ग पर सतर्क निगरानी रखी गई तथा कांवड़ मार्ग को वाहनों से मुक्त रखा गया।






