नसीमखान
सांची,,श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर नगर में धर्ममय वातावरण छा गया। दिनभर मंदिरों में पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और विशेष कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा। श्रद्धालुओं का मंदिरों में आना-जाना निरंतर बना रहा।
शाम को भगवान श्रीकृष्ण की भव्य शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गों से निकाली गई। शोभायात्रा में नगर ही नहीं, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। जगह-जगह शोभायात्रा का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया।
जयकारों से गूंजते नगर में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। शोभायात्रा में लंहगी नृत्य जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा नगर कृष्णमय रंग में सराबोर होकर धर्म और भक्ति की धारा में डूबा रहा।
भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से धर्म की रक्षा, सत्य पर अडिग रहना और कर्तव्य पालन की शिक्षा मिलती है। गीता के उपदेश आज भी जीवन के हर क्षेत्र में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।






