दीपककुमारगर्ग
शहडोल (जयसिंहनगर)। आज़ादी के सात दशक बाद भी जनपद पंचायत जयसिंहनगर के ग्राम पंचायत कतिरा के खैरवार टोला के लोग अब तक पक्की सड़क की सुविधा से वंचित हैं। सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। कच्चे रास्तों पर कीचड़ और गड्ढों के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर खेतों और बाज़ारों की ओर जाने वाले किसानों तक सभी प्रभावित हैं।
आपातकालीन स्थिति में बढ़ जाती है परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक दिक़्क़त आपातकालीन परिस्थितियों में आती है। अचानक किसी की तबीयत बिगड़ने या प्रसव पीड़ा होने पर मरीज को अस्पताल तक पहुँचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई बार देर से इलाज मिलने से गंभीर परिणाम सामने आते हैं। वहीं, बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुँच पाते और पढ़ाई पर असर पड़ता है।
गाँव की महिलाओं को भी रोज़मर्रा की ज़रूरत का सामान लाने के लिए बाज़ार तक पहुँचने में भारी असुविधा होती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सड़क निर्माण की माँग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
वन विभाग की आपत्ति बनी बड़ी बाधा
प्राप्त जानकारी के अनुसार सड़क निर्माण में सबसे बड़ी रुकावट वन विभाग की आपत्तियाँ हैं, क्योंकि प्रस्तावित मार्ग वन क्षेत्र से होकर गुज़रता है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि पहल करें और वन विभाग से आपसी सामंजस्य स्थापित करें, तो सड़क निर्माण का रास्ता साफ़ हो सकता है और लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से निजात मिलेगी।
ग्रामीणों की उम्मीदें
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही जिम्मेदार अपनी भूमिका निभाएँगे और पक्की सड़क बनवाकर गाँव को मुख्यधारा से जोड़ेंगे। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो विकास की रफ्तार यहाँ लगातार प्रभावित होती रहेगी।






