नसीमखान
सांची,,ऐतिहासिक महत्व रखने वाले इस नगर में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की बड़ी-बड़ी बातें तो समय-समय पर होती रहती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अक्सर इसके उलट ही दिखाई देती है। प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा यहां के नागरिकों के साथ-साथ आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को भी उठाना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार सांची की पहचान विश्वस्तर पर है, लेकिन नगर में मूलभूत सुविधाओं के प्रति प्रशासन की उदासीनता से इस ऐतिहासिक स्थल की छवि धूमिल होती रही है। सड़क किनारे दोनों ओर एनएच निर्माण विभाग द्वारा स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं, परंतु घटिया गुणवत्ता के कारण यह लंबे समय तक नगर को रोशन नहीं रख सकीं। बिजली के खंभे जर्जर होकर ध्वस्त होते गए और नगर अंधेरे की चपेट में आ गया।
लंबे अरसे तक जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे रहे। इस बीच न तो नगरवासियों की परेशानी कम हुई और न ही पर्यटकों को सुरक्षित व सहज माहौल मिल पाया। अब एक बार फिर प्रशासन की नींद टूटी है और नगर में स्ट्रीट लाइट सुधारने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर बार की तरह इस बार भी केवल औपचारिक सुधार का प्रयास किया गया है। नगर कितने दिन तक रोशनी में नहाया रहेगा, यह कहना मुश्किल है। फिलहाल, स्ट्रीट लाइटों के दुरुस्त होने से नगर के अंधेरे पर कुछ हद तक विराम लग गया है और सांची में फिर से जगमगाहट लौट आई आयेगी।






