नसीमखान
रायसेन,
सीएम हेल्पलाइन जनसमस्याओं के निराकरण का महत्वपूर्ण माध्यम है। सीएम हेल्पलाईन पर प्राप्त प्रकरणों के निराकरण में और अधिक मेहनत की आवश्यकता है। सभी अधिकारी गंभीरता से रुचि लेते हुए प्रकरणों का प्रभावी निराकरण कराएं। इसके लिए अधिकारी हितग्राहियों से स्वयं चर्चा करें तथा शत-प्रतिशत सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें। यह निर्देश कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाईन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिए। उन्होंने विभागीय गतिविधियों, अभियानों तथा योजनाओं की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पंचायत, राजस्व, लोक निर्माण विभाग, सहकारिता सहित अन्य विभागों की सीएम हेल्पलाईन प्रकरणों तथा निराकरण की कार्यवाही की समीक्षा करते हुए कहा कि कुछ विभागीय अधिकारियों द्वारा निरंतर बेहतर कार्य किया जा रहा है, वह और अधिक बेहतर काम करने के लिए प्रयास करें। सीएम हेल्पलाईन निराकरण में धीमी गति से काम कर रहे अधिकारियों को निराकरण में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि आगामी एक सप्ताह में अधिक से अधिक शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित कराएं। कोई भी शिकायत निम्न गुणवत्ता से बंद ना हो और ना ही कोई शिकायत नॉन अटेंडेन्ट रहे। प्रत्येक शिकायत पर समयावधि में नियमानुसार निराकरण की कार्यवाही की जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन और सीएमएचओ को शिकायतों के निराकरण में गंभीरता नहीं दिखाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए।
बैठक में 50 दिवस से अधिक समयावधि की सीएम हेल्पलाईन शिकायतों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने कहा कि इन शिकायतों के निराकरण में गति नहीं आई है। एसडीएम, जनपद सीईओ तथा सीएमओ प्रतिदिन शिकायतों के निराकरण की कार्यवाही की व्यक्तिगत रूप से मॉनीटरिंग करें तथा निराकरण में तेजी लाएं। उन्होंने ऊर्जा विभाग, शहरी विकास, राजस्व, स्वास्थ्य तथा शिक्षा विभाग की सीएम हेल्पलाईन शिकायतें नॉन अटेन्डेन्ट रहने पर भी नाराजगी व्यक्त की तथा नियमित रूप से सीएम हेल्पलाईन शिकायतों का समयावधि में निराकरण हेतु निर्देशित किया।
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान के संबंध में जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग को दिशा-निर्देश दिए। इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी तथा ग्रामीण की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवासों के निर्माण कार्य में तेजी लाने हेतु निर्देशित किया। साथ ही समग्र ई-केवायसी कार्य में तेजी लाने हेतु सभी जनपद सीईओ को निर्देश दिए। इसी प्रकार वनाधिकार धारकों को केसीसी प्रदाय करने संबंधी कार्य की जानकारी लेते हुए सभी पात्र हितग्राहियों को केसीसी से लाभान्वित करने हेतु कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। एक बगिया मॉ के नाम अभियान की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य से अधिक स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को पौधरोपण हेतु चिन्हित कर लाभान्वित करने के निर्देश सभी जनपद सीईओ और अधिकारियों को दिए गए।
इसी प्रकार नगरीय निकायों में गीता भवनों के निर्माण हेतु भूमि चयन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने तथा मण्डीदीप और रायसेन में नवीन फायर स्टेशन निर्माण हेतु भी भूमि चिन्हांकित करने हेतु पीओ डूडा तथा एसडीएम को निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री विश्वकर्मा द्वारा महिला बाल विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, टेक होम राशन, पोषण आहार वितरण तथा नवीन आंगनवाड़ी भवनों की प्रगति की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सभी पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनाए जाने के निर्देश दिए गए। वन विभाग की समीक्षा करते हुए अवैध कटाई, उत्खनन और परिवहन में लिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंजू पवन भदौरिया द्वारा भी अधिकारियों को एक बगिया मॉ के नाम अभियान सहित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सहायक कलेक्टर श्री कुलदीप पटेल तथा जिला अधिकारी उपस्थित रहे। विकासखण्डों से एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ सहित खण्ड स्तरीय अधिकारी वीसी के माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।






