नसीमखान लाइव खबर इंडिया पर सांची,
सांची,, विश्वप्रसिद्ध स्तूप नगरी सांची में बंदरों का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। स्तूप पहाड़ी पर इनकी उछल–कूद पर्यटकों को भले लुभाती हो, लेकिन अब यह बंदर नगर के घरों की छतों और आँगनों में घुसकर रहवासियों की बड़ी परेशानी बन गए हैं। सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों पर मंडरा रहा है, जिन पर बंदरों के हमले की आशंका बनी रहती है।
सांची स्तूप परिसर जंगलों से घिरा होने के कारण वन्यजीवों का सुरक्षित आश्रयस्थल माना जाता है। यहां मोर और बंदर निडर होकर विचरण करते हैं, जिसे देखकर पर्यटक आनंदित होते हैं। लेकिन अब यही बंदर झुंड बनाकर नगर की रिहायशी बस्तियों तक पहुँचने लगे हैं।
छतों पर लगी टीन की चादरों पर बंदरों की कूद-फांद से मकान मालिक परेशान हैं। कई बार इन्हें भगाने का प्रयास किया जाता है, मगर डर के कारण लोग असहाय हो जाते हैं। खासतौर पर बच्चे बंदरों की हरकतों से भयभीत रहते हैं। मादा बंदरों के अपने बच्चों को पेट से चिपकाकर एक घर से दूसरे घर तथा पेड़ों से सड़कों तक छलांग लगाने के दृश्य लोगों को और ज्यादा दहशत में डाल देते हैं।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि ये बंदर अब एनएच रोड पर भी पार करने के प्रयास रोडकिनारे बैठकर करते दिख जाते है। यही नहीं, नगर के कई सरकारी दफ्तर भी इनकी उछाल कूद से अछूते नहीं रहे है, जहाँ ये निडर होकर कर्मचारियों की भी परेशानी का सबब बने हुए हैं
नगरवासियों का कहना है कि बंदरों के बढ़ते उपद्रव पर न तो वन विभाग कोई पहल कर रहा है और न ही प्रशासन नियंत्रण की दिशा में कोई ठोस कदम उठा पा रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि नगरवासी इस बंदर आतंक से कब निजात पा सकेंगे।






