राघवेंद्र श्रीवास्तव, रिपोर्टर – सुल्तानपुर (रायसेन)
सुल्तानपुर। नगर के मुख्य बस स्टैंड पर पिछले छह माह से तीन मंजिला इमारत का निर्माण कार्य जारी है। करीब 1 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से हो रहे इस निर्माण कार्य में सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम तक नहीं किए गए हैं।
तीसरी मंजिल पर छत डालने की तैयारी के दौरान लापरवाही से काम कर रहे मजदूरों ने करीब 50 फीट लंबा लोहे का पिलर नीचे गिरा दिया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
सुरक्षा के नाम पर लापरवाही।
मजदूर बिना हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य सुरक्षा कवच के काम कर रहे हैं। इमारत के चारों ओर कोई जाली या सुरक्षा घेरा नहीं है। काम करने वाले मजदूरों का दुर्घटना बीमा भी ठेकेदार द्वारा नहीं कराया गया है। बस स्टैंड पर लगातार यात्रियों की आवाजाही, होटल और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की मौजूदगी के बावजूद प्रशासन और ठेकेदार दोनों की लापरवाही उजागर हो रही है।
परिषद और ठेकेदार दोनों बेखबर।
घटना के बाद न तो नगर परिषद ने ठेकेदार को कोई नोटिस दिया और न ही सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए। जब इस मामले में नगर परिषद अधिकारी राजकुमार शर्मा से चर्चा की गई तो उन्होंने इमारत से जुड़ी जानकारी न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। उनका कहना था कि पूरी जानकारी इंजीनियर के पास है।
इसी बीच इंजीनियर अजय मरावी से लगातार दो दिन तक संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
जिम्मेदारों की चुप्पी
नगर परिषद अधिकारियों और ठेकेदार की चुप्पी से साफ है कि करोड़ों की लागत का यह निर्माण कार्य बिना जिम्मेदारी और देखरेख के किया जा रहा है। मुख्य बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की लापरवाही कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।






