नसीमखान
सांची। लगातार हुई बारिश से भले ही लोगों को अब राहत मिल गई हो, लेकिन बारिश थमते ही बीमारियों ने दस्तक दे दी है। स्थिति यह है कि नगर में घर-घर बीमारी फैल रही है और अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें लग गई हैं।
इस वर्ष की लगातार बारिश ने जहां किसानों की फसलों को बर्बाद किया, वहीं अब लोग सर्दी-जुकाम, खांसी-बुखार और वायरल जैसी बीमारियों से बेहाल हैं। मच्छरों की बढ़ती तादाद ने डेंगू और मलेरिया का खतरा और बढ़ा दिया है। नगर परिषद कीटनाशक छिड़काव तो कर रही है, लेकिन नतीजे नगण्य हैं।
सबसे गंभीर स्थिति यह है कि इतनी बड़ी संख्या में बीमारियां फैलने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है। न तो कोई बचाव संबंधी निर्देश जारी किए गए और न ही कोई जागरूकता अभियान चलाया गया। अस्पतालों में दवाओं और सुविधाओं की कमी से मरीज और उनके परिजन परेशान हो रहे हैं, लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी हालात पर आंख मूंदे बैठे हैं।
इसी बीच नगरवासियों का आक्रोश भी सामने आने लगा है। लोगों का कहना है कि “जब तक चुनाव नहीं आते तब तक विभाग को जनता की सेहत की कोई चिंता नहीं रहती।” नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन और स्वास्थ्य अमला सिर्फ कागजों पर सक्रिय है, जबकि हकीकत में लोग अपने परिवारजनों को लेकर अस्पतालों की चौखट पर भटकने को मजबूर हैं।
जनता ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। सवाल अब यही है कि आखिर कब टूटेगी स्वास्थ्य विभाग की नींद और कब मिलेगा लोगों को बीमारियों से राहत मिल सके।






