नसीमखान सांची
सांची,,, विश्वविख्यात पर्यटन स्थल सांची में यातायात व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है। देशी–विदेशी पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या और राष्ट्रीय राजमार्ग पर दौड़ते तेज रफ्तार वाहनों के बीच नगरवासी और स्कूली बच्चे हर दिन जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में नगर में यातायात पुलिस की तत्काल पदस्थापना की मांग जोर पकड़ चुकी है।
नगर में चाक-चौराहों से लेकर मुख्य मार्ग तक हर जगह अराजकता का आलम है। न तो ट्रैफिक कंट्रोल का कोई इंतज़ाम है और न ही सुरक्षा की गारंटी। हालत यह है कि स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए सड़क पार करना किसी चुनौती से कम नहीं। पर्यटक भी अक्सर अव्यवस्थित यातायात का शिकार होकर असुविधा झेलते हैं।
स्थानीय पुलिस थाना सीमित बल के साथ पहले से ही कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और वीआईपी सुरक्षा में उलझा रहता है। ऐसे में नगर की सड़कों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। इससे न केवल दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है बल्कि विश्वविख्यात पर्यटन स्थल की छवि भी धूमिल हो रही है।
गौरतलब है कि पहले सांची में यातायात पुलिस पदस्थ थी, परंतु उसे हटा लिया गया। अब सवाल यह है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा? कब तक नगरवासी और पर्यटक यूं ही जान हथेली पर रखकर सड़क पार करने को मजबूर रहेंगे? लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल यातायात पुलिस की नियुक्ति कर अव्यवस्थित यातायात पर लगाम लगाए और सांची की गरिमा को सुरक्षित रखे।
समाजसेवी कमलकिशोर पटेल का कहना है कि “सांची जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पर्यटन स्थल पर यातायात व्यवस्था का भगवान भरोसे होना बेहद गंभीर बात है। हर दिन यहां हजारों पर्यटक आते हैं और नगरवासी भी लगातार असुरक्षित महसूस करते हैं। यदि प्रशासन तुरंत कदम नहीं उठाता तो कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।”
पार्षद विवेक तिवारी ने भी चेतावनी दी कि “नगर में यातायात पुलिस की अनुपस्थिति से हर चौराहे पर अव्यवस्था का आलम है। स्कूलों के सामने बच्चे जान जोखिम में डालकर सड़क पार करते हैं। प्रशासन को जल्द ही यातायात पुलिस की पदस्थापना करनी चाहिए ।






