नसीमखान सांची
सांची। आजादी के 75 वर्ष बाद भी सांची जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मडवाई के कमापार गांव में शमशान घाट का अभाव है। करीब 200 की आबादी और 50 घरों वाले इस गांव के ग्रामीण आज भी अंतिम संस्कार के लिए शवों को खेतों में जलाने या फिर तीन किमी दूर सांची और सात किमी दूर विदिशा ले जाने मजबूर हैं।
गर्मियों में तपती धूप और बरसात के दिनों में तेज बारिश के बीच शव को लंबी दूरी तक ले जाना ग्रामीणों के लिए बेहद कष्टकारी साबित होता है।
ग्रामीणों का कहना है कि “कई बार पंचायत और प्रशासन से मांग की, नेताओं के सामने भी मुद्दा उठाया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। आज तक न भूमि उपलब्ध कराई गई और न ही शमशान का निर्माण हो सका।”
इस संबंध में जब ग्राम पंचायत के सरपंच से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन तक उठाना उचित नहीं समझा। वहीं, जनपद पंचायत सीईओ शंकर पांसे ने बताया कि “कमापार गांव में शीघ्र ही शमशान घाट निर्माण के निर्देश मिले हैं। भूमि उपलब्ध कराकर जल्द निर्माण कराया जाएगा।”






