नसीमखान सांची, रायसेन
रायसेन,
जिले के औबेदुल्लागंज जनपद के ग्राम हर्रई में आयोजित ग्राम चौपाल में कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा ने ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें आय बढ़ाने के लिए पशुपालन करने के लिए प्रेरित किया गया। कलेक्टर श्री विश्वकर्मा द्वारा ग्रामीणों से पशुपालन करने के बारे में पूछे जाने पर श्रीमती कांताबाई धुर्वे ने खड़े होकर कहा कि वह पशुपालन करना चाहती है लेकिन उनके पास पूंजी नहीं है। इस पर कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने उनसे कहा कि शासन की आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना के तहत उन्हें बैंक के माध्यम से कम ब्याज दर पर राशि उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुनकर श्रीमती कांताबाई की पूंजी की चिंता दूर हो गई और उन्होंने आवेदन प्रक्रिया के बारे में पूछा। कलेक्टर श्री विश्वकर्मा के निर्देश पर डेयरी एवं पशुपालन विभाग के उप संचालक द्वारा श्रीमती श्रीमती कांताबाई को योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देने के साथ ही विभाग के स्टॉल पर ले जाकर आवेदन की कार्यवाही पूर्ण कराई गई।
श्रीमती कांताबाई ने बताया कि वह काफी समय से पशुपालन को व्यवसाय के रूप में शुरू करना चाह रही थीं, लेकिन धनराशि नहीं थी। आज ग्राम चौपाल में कलेक्टर साहब ने उनकी समस्या दूर कर दी है। अब वह भी स्वयं की डेयरी शुरू कर आत्मनिर्भर बनेंगी और घर-परिवार की आर्थिक उन्नति में योगदान देंगी। उन्होंने आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव तथा जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया है।
डेयरी एवं पशुपालन विभाग के उप संचालक श्री शुक्ला ने आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत पशुपालक को अधिकतम 10 लाख रू तक की परियोजना पर ऋण प्रदान किया जाता है। इसमें परियोजना लागत का 75 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के माध्यम से प्रदान की जाती है। इकाई लागत के 75 प्रतिशत राशि पर या हितग्राही द्वारा बैंक से प्राप्त ऋण पर जो भी कम हो पांच प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से अधिकतम 25 हजार रू प्रतिवर्ष ब्याज की प्रतिपूर्ति सात वर्षो तक विभाग द्वारा की जाती है। योजना के तहत सामान्य वर्ग को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अधिकतम डेढ़ लाख रू, अनुसूचित जाति/जनजाति हेतु परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अधिकतम दो लाख रू की मार्जिन मनी सहायता प्रदान की जाती है।






