नसीमखान सांची
सांची ,,,
विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थल सांची, जहां प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों पर्यटक पहुंचते हैं, वहीं यहां मिलने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। होटल, ठेले और दुकानों पर खुलेआम बिक रहे खाद्य पदार्थों की न तो नियमित जांच हो रही है और न ही खाद्य विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई दिखाई दे रही है।
जानकारी के अनुसार, सांची की अंतरराष्ट्रीय पहचान और पर्यटकों की निरंतर आवाजाही के बावजूद खाद्य सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार विभाग पूरी तरह बेफिक्र नजर आ रहे हैं। खुले में रखी जाने वाली खाद्य सामग्री की न स्वच्छता पर ध्यान दिया जा रहा है और न ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परोसा जा रहा भोजन स्वास्थ्य की दृष्टि से सुरक्षित है या नहीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खाद्य विभाग का अमला कभी-कभार औपचारिक रूप से क्षेत्र में पहुंचता जरूर है, लेकिन जांच या कार्रवाई के नाम पर ठोस परिणाम सामने नहीं आते। यही कारण है कि वर्षों में शायद ही कभी प्रदूषित खाद्य सामग्री बेचने वालों पर कोई प्रकरण दर्ज हुआ हो। इस लापरवाही का सीधा असर आम नागरिकों और पर्यटकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
चिंता की बात यह भी है कि इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। खुलेआम बिक रही अस्वास्थ्यकर खाद्य सामग्री पर न तो निगरानी है और न ही रोक-टोक। जबकि कलेक्टर द्वारा समय-समय पर जिलेभर में मिलावटी एवं प्रदूषित खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों का असर सांची में दिखाई नहीं देता।
प्रश्न यह है कि क्या विश्व धरोहर स्थल की गरिमा केवल कागजों तक सीमित रह गई है? और क्या आमजन व पर्यटकों का स्वास्थ्य प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ता रहेगा?
जब तक जिम्मेदार विभाग जागेंगे नहीं, तब तक सांची में इतिहास के साथ-साथ सेहत भी खतरे में बनी रहेगी । इस मामले में इनका कहना है।।।
हम खाद्य विभाग के साथ जहाँ जहां भी प्रदूषित खाद्य सामग्री पाई जायेगी नियमानुसार कार्यवाही करेंगे।रामलाल कुश्वाह सीएमओ सांची
यह कार्यवाही खाद्य विभाग को करना होती हैं तथा इसकी जांच कर जिलास्वास्थ्य अधिकारी को भेजी जाती हैं इसके बाद कार्यवाही होती हैं ।रवि राठौर बीएम ओ सांची





