नसीमखान सांची, रायसेन
रायसेन,
महाशिवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर मप्र शासन के संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से शिव-साधना, लोकआस्था एवं कला-सौंदर्य के समन्वित उत्सव के रूप में ऐतिहासिक भोजपुर शिव मंदिर प्रांगण में तीन दिवसीय ‘महादेव भोजपुर महोत्सव’ का आयोजन 15 से 17 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन सायं 6.30 बजे से किया जाएगा। गुरूवार को कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा द्वारा भोजपुर पहुंचकर महाशिवरात्रि पर्व और ‘महादेव भोजपुर महोत्सव’ की तैयारियों का जायजा लिया गया। इस दौरान एएसपी श्री कमलेश कुमार भी साथ रहे।
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने भोजपुर शिव मंदिर प्रांगण में भ्रमण कर आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर में दर्शन हेतु और महादेव भोजपुर महोत्सव में आने वाले श्रृद्धालुओं, नागरिकों के आवगमन, निर्गमन, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात व्यवस्था सहित मूलभूत सुविधाओं के बारे में विस्तृत चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम श्री चन्द्रशेखर श्रीवास्तव सहित एसडीओपी, तहसीलदार तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि भोजपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर देश-विदेश में उत्तर का सोमनाथ के नाम से प्रसिद्ध है। यह मंदिर स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण है। इस शिव मंदिर के गर्भगृह में स्थित 7.5 फुट लंबा और 17.8 फुट परिधि का शिवलिंग एक ही चट्टान को काटकर बनाया गया है जो आश्चर्यजनक है। अपने अपार और जटिल संरेखण में शिवलिंग के साथ इस मंदिर को पूरब का सोमनाथ होने का गौरव प्राप्त है। परमारकालीन इस मंदिर पर प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि पर विशाल मेला लगता है। साथ ही संस्कृति एवं पर्यटन विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से भोजपुर महोत्सव का आयोजन किया जाता है।
इस वर्ष आयोजित होने वाले महादेव भोजपुर महोत्सव के प्रथम दिवस 15 फरवरी को सागर के ऋषि विश्वकर्मा द्वारा प्रस्तुत लोकगायन से कार्यक्रम का शुभारंभ होगा, जो मंदिर प्रांगण को भक्तिरस से अनुप्राणित करेगा। इसके पश्चात सागर के उमेश नामदेव द्वारा प्रस्तुत बधाई एवं बरेदी लोकनृत्य में लोकजीवन की जीवंत छवियाँ साकार होंगी। संध्या का विशेष आकर्षण मुंबई के सुप्रसिद्ध भजन गायक श्री लखबीर सिंह लक्खा का भक्ति गायन होगा, जो श्रद्धालुओं को शिवभक्ति में लीन कर देगा।
महोत्सव के द्वितीय दिवस 16 फरवरी को भोपाल की शीला त्रिपाठी द्वारा लोकगायन की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके उपरांत मुंबई की भावना शाह एवं साथी कलाकारों द्वारा शिव महिमा पर आधारित नृत्य-नाटिका का मंचन किया जाएगा, जिसमें नृत्य, भाव और संगीत का प्रभावशाली समन्वय दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति से भर देगा। दूसरे दिन का समापन मुंबई की सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका महालक्ष्मी अय्यर की मधुर सुगम संगीत प्रस्तुति से होगा।
महोत्सव के अंतिम दिवस 17 फरवरी को भोपाल के बलराम पुरोहित द्वारा लोकगायन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात भोपाल की आकृति जैन एवं साथी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत शिव-केंद्रित नृत्य-नाटिका वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित करेगी। समापन अवसर पर आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कविकृदिल्ली के अशोक चक्रधर, मुंबई के दिनेश बावरा, आगरा के प्रताप फौजदार, दिल्ली के गजेन्द्र सोलंकी, आगरा की रुचि चतुर्वेदी, मथुरा की पूनम वर्मा तथा दिल्ली की मनु वैशाली अपनी सशक्त, संवेदनशील एवं भावपूर्ण रचनाओं से काव्यरस की अविरल धारा प्रवाहित करेंगे।





