नसीमखान सांची
सांची,,, नगर में मौसम के लगातार बदलते तेवर अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगे हैं। दिन में गर्माहट और शाम होते ही अचानक बढ़ती ठंडक ने सर्दी, जुकाम, बुखार और खांसी जैसी बीमारियों को बढ़ावा दे दिया है। बदलते तापमान के कारण बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत अधिक प्रभावित हो रही है।
जानकारी के अनुसार, इन दिनों मौसम का मिजाज अस्थिर बना हुआ है। दिनभर गर्मी का अहसास होता है तो रात में अचानक ठंड बढ़ जाती है। तापमान में यह उतार-चढ़ाव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर रहा है, जिससे सामान्य वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
स्थिति को और गंभीर बना रही है नगर में बढ़ती गंदगी और मच्छरों की संख्या। कई क्षेत्रों में जलभराव और साफ-सफाई के अभाव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। पहले स्थानीय प्रशासन द्वारा नियमित रूप से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाता था, जिससे मच्छरों पर नियंत्रण रहता था, लेकिन लंबे समय से यह व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। नतीजतन मच्छरों की तादाद में लगातार इजाफा हो रहा है और डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है।
चिंता की बात यह है कि नगर में बीमारियों का ग्राफ बढ़ने के बावजूद जिम्मेदार विभाग सक्रिय नजर नहीं आ रहे। न तो नगर परिषद की ओर से व्यापक सफाई अभियान दिखाई दे रहा है और न ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता संदेश या एहतियाती उपायों को लेकर कोई ठोस पहल सामने आई है।
यदि समय रहते कीटनाशक छिड़काव, सफाई व्यवस्था और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता अभियान शुरू नहीं किए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। अब आवश्यकता है कि प्रशासन आंखों पर बंधी निष्क्रियता की पट्टी हटाए और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाए।
मौसम का मिजाज बदलना स्वाभाविक है, लेकिन प्रशासन का मौन रहना नहीं।





