नसीमखान सांची
सांची— क्षेत्र में फसल कटाई के बाद किसानों द्वारा नरवाई जलाने की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर कृषि विभाग ने चिंता जताई है। वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी सीएल अहिरवार ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं, क्योंकि इससे मिट्टी की उर्वरता नष्ट होती है और पर्यावरण पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने बताया कि नरवाई जलाने से खेतों में मौजूद उपयोगी सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उत्पादक क्षमता घटती है। साथ ही धुआं व प्रदूषण बढ़ने से मानव स्वास्थ्य और आसपास के वातावरण को भी नुकसान पहुंचता है।
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसल अवशेषों का उपयोग खाद बनाने, मल्चिंग या अन्य वैज्ञानिक तरीकों से करें, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहे और उत्पादन में भी वृद्धि हो सके।इनका कहना है।।
“किसान भाई नरवाई जलाने से बचें, इससे मिट्टी की उर्वरता घटती है और पर्यावरण को नुकसान होता है। फसल अवशेषों का सही उपयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।”
— सीएल अहिरवार, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी
“जागरूक किसान ही सुरक्षित पर्यावरण और समृद्ध खेती की नींव रखते हैं।”





