नसीमखान सांची
सांची — विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थल सांची में विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को लेकर नगर परिषद अब सीधे केंद्र सरकार के समक्ष पहुंची है। नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम के नेतृत्व में पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर पुरातत्व विभाग की कार्यप्रणाली से उत्पन्न समस्याओं से अवगत कराया।
इस दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे, । प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें भी नगर की स्थिति से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं, विशेषकर प्रधानमंत्री आवास योजना, पुरातत्व विभाग की आपत्तियों के कारण जमीन पर लागू नहीं हो पा रही हैं। इससे हजारों हितग्राही लाभ से वंचित हैं और कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं।
नगर परिषद ने पर्यटन मंत्री को अवगत कराया कि ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के नाम पर पुरातत्व विभाग मनमाने तरीके से सीमाएं निर्धारित कर विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहा है। जबकि पूर्व में जिला प्रशासन द्वारा सीमाएं स्पष्ट की जा चुकी हैं, इसके बावजूद सड़क, बिजली और जल निकासी जैसे बुनियादी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों में विभाग के प्रति लंबे समय से आक्रोश है। उनका कहना है कि नियमों की स्पष्टता के अभाव में पुरातत्व विभाग कभी भी किसी भी क्षेत्र को अपनी सीमा बताकर कार्य रोक देता है, जिससे भय और असमंजस की स्थिति बनी रहती है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 6 से 8 महीने के भीतर समाधान का आश्वासन दिया। इस पर नगर परिषद ने आभार व्यक्त किया है।
अब केंद्रीय स्तर पर उठी आवाज के बाद सांची को विकास की राह मिलने की उम्मीद और मजबूत हो गई है।





