रिपोर्ट राजर्षि मिश्रा
उमरिया जिले में पशुचारा, पैरा और गेहूँ के भूसे के बाहरी परिवहन को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। अन्य जिलों में कलेक्टर द्वारा प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर सख्ती बरती जा रही है, लेकिन उमरिया में अब तक ऐसा कोई स्पष्ट आदेश सामने नहीं आया है।
जानकारी के अनुसार, बिना अनुमति भूसे का परिवहन लगातार जारी है, जिससे स्थानीय स्तर पर चारे की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों और पशुपालकों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में पशुओं के लिए चारे का संकट गहरा सकता है।
सूत्रों की मानें तो कई जगहों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पिकप के माध्यम से गेहूँ का भूसा मानपुर पाली करकेली अमरपुर चिल्हारी इंदवार क्षेत्र से अन्य जिलों में भेजा जा रहा है, लेकिन इस पर प्रभावी नियंत्रण नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब जिले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उमरिया जिले इस मामले में प्रतिबंधात्मक आदेश कब जारी करेंगी? लोगों का मानना है कि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि अवैध परिवहन पर रोक लगे और जरूरतमंद किसानों व पशुपालकों को राहत मिल सके।





