नसीमखान सांची
सांची,,,
नगर में लगातार गिरते जलस्तर के चलते जल संकट गहराता जा रहा है। हालात को देखते हुए नगर परिषद ने अब दो दिन में एक बार जलापूर्ति करने का निर्णय लिया है, जिससे आम नागरिकों की परेशानी और बढ़ गई है।
दरअसल, जलसंवर्धन योजना के तहत अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के अधिकारियों ने 20 अप्रैल से नियमित जलापूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हो सका। इससे नगरवासियों में नाराजगी और चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, भीषण गर्मी के चलते नगर में जलस्तर लगातार गिर रहा है। नगर परिषद द्वारा जलापूर्ति बनाए रखने के लिए बसस्टैंड क्षेत्र में एक बोर अधिग्रहित कर अस्थायी व्यवस्था की गई है, लेकिन यह प्रयास भी पर्याप्त साबित नहीं हो रहा। स्थिति को संभालने के लिए अब प्रशासन ने दो दिन में एक बार पानी देने का निर्णय लिया है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में शुरू की गई जलसंवर्धन योजना का उद्देश्य घर-घर जलापूर्ति सुनिश्चित करना था। लगभग 1.25 करोड़ रुपए की लागत वाली इस योजना को वर्ष 2023 तक पूर्ण किया जाना था, लेकिन अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की धीमी कार्यप्रणाली के चलते वर्ष 2026 तक भी योजना अधूरी बनी हुई है।
हालांकि हेडगेवार कॉलोनी में वाटर प्लांट और कार्यालय तैयार है, लेकिन इसके बावजूद जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। नगर परिषद प्रशासन द्वारा पूर्व में कंपनी को पत्र लिखकर शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे, जिसकी प्रति कलेक्टर को भी भेजी गई थी। इसके बावजूद कंपनी की ओर से अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई।
इस संबंध में संपर्क करने पर कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों ने फोन उठाना तक उचित नहीं समझा, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार:
सीएमओ नगर परिषद सांची, रामलाल कुश्वाह ने बताया कि कंपनी द्वारा 20 अप्रैल तक जलापूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, जो पूरा नहीं हुआ। वर्तमान में एक बोर के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है और दो दिन में एक बार पानी देने की व्यवस्था लागू की गई है। साथ ही कंपनी को पुनः पत्र भेजकर शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
समय पर योजना पूरी न होने की कीमत अब नगरवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरसकर चुका रहे हैं।





