नसीमखान सांची
सांची,,,
क्षेत्र के किसानों को फसल बेचने के लिए इस बार नई लागू की गई स्लाइड बुकिंग प्रक्रिया भारी पड़ती नजर आ रही है। पंजीकरण कराने के बावजूद किसान अपनी उपज तुलवाने के लिए तारीख का इंतजार करते-करते परेशान हो रहे हैं और खरीदी केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार किसान बड़ी मेहनत और मशक्कत के बाद अपनी फसल तैयार करते हैं। उत्पादन के दौरान मौसम की मार झेलने के बाद जब उपज बेचने की बारी आती है, तो उन्हें सरकारी खरीदी केंद्रों पर पहले पंजीयन कराना पड़ता है। इस वर्ष शासन द्वारा स्लाइड बुकिंग प्रक्रिया लागू की गई, जो 15 मार्च से शुरू होकर बाद में 1 अप्रैल तक बढ़ा दी गई।
किसानों का कहना है कि इस नई व्यवस्था में पहले छोटे रकबे वाले (पांच एकड़ तक) किसानों की ही बुकिंग हो सकी, जबकि बड़े किसानों को अब तक अपनी उपज तुलवाने के लिए तारीख नहीं मिल पाई है। इससे किसानों में असमंजस और नाराजगी की स्थिति बन गई है।
स्थिति यह है कि किसान अपनी उपज को खुले आसमान के नीचे रखने को मजबूर हैं। वहीं मौसम में लगातार बदलाव और बादलों की आवाजाही से फसल खराब होने का खतरा भी बना हुआ है। दूसरी ओर शादी-विवाह का सीजन होने से किसानों की आर्थिक जरूरतें भी बढ़ गई हैं, जिससे उनकी चिंता और गहरा गई है।
कई किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि वेयरहाउस केंद्रों पर प्रति क्विंटल एक किलो अतिरिक्त गेहूं की मांग की जा रही है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ रही है। बावजूद इसके किसानों की समस्याओं को लेकर जिम्मेदार अधिकारी मौन बने हुए हैं।
यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो किसानों की मेहनत और उपज दोनों पर संकट गहराना तय है।





