नसीमखान सांची
सांची,,, एक मई से प्रारंभ हुए मकान जनगणना कार्य को 30 मई तक पूर्ण किया जाना था, लेकिन जनगणना कार्य में जुटे कर्मचारियों ने भीषण गर्मी और तेज लू की परवाह किए बिना दिन-रात मेहनत कर निर्धारित समय से लगभग एक सप्ताह पहले ही कार्य पूरा कर लिया। इस उपलब्धि पर नगर परिषद कार्यालय में सम्मान समारोह आयोजित कर कर्मचारियों को पुष्पमालाएं एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
जानकारी के अनुसार देशभर में चल रहे मकान जनगणना अभियान के तहत कर्मचारियों को घर-घर पहुंचकर गणना कार्य करना था। लगातार बढ़ते तापमान और लू के बावजूद कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा और लगन के साथ कार्य को समय से पहले पूर्ण कर प्रशासन को जानकारी दी। इसके बाद नगर परिषद कार्यालय में विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में एसडीएम मनीष शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कर्मचारियों के समर्पण और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में इस प्रकार का कार्य करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, लेकिन कर्मचारियों ने जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि एक महिला कर्मचारी छोटे बच्चे को साथ लेकर भी लगातार कार्य करती रहीं और सबसे पहले अपना कार्य पूरा किया, जो प्रशंसनीय है। वहीं कई कर्मचारी स्वास्थ्य समस्याओं और अन्य पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद पूरी लगन से जनगणना कार्य में जुटे रहे।
एसडीएम श्री शर्मा ने कहा कि शासन के महत्वपूर्ण कार्यों को इसी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ पूरा किया जाना चाहिए। नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम ने कहा कि जब लोग गर्मी के कारण घरों से बाहर निकलने से बच रहे थे, तब कर्मचारियों ने घर-घर पहुंचकर जनगणना कार्य पूरा किया, जो सराहनीय है। सीएमओ रामलाल कुशवाह ने सभी कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन राजीव श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम, सीएमओ रामलाल कुशवाह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सम्मानित कर्मचारियों में ऊषा सराठे, मेघा पाटिल, मुकुंद जोधवानी, पूनम सेन, त्रिपति शर्मा, रामवीर सिंह, प्रदीप कुमार प्रजापति, सत्यनारायण मीणा, संपूर्णा चतुर्वेदी, शकुंतला मोहकर, रैनू तिवारी, कुलदीप सिंह, ज्योति डाबरे, संजीव काकोरिया, दुर्गेश, नंदनी दुबे, शारदा मालवीय एवं गौरीशंकर अहिरवार शामिल रहे। वहीं पर्यवेक्षक के रूप में मनोविनोद टिक्का, देवकीनंदन धाकड़, संजीव सोलंकी एवं नारायण प्रसाद सूर्यवंशी को भी सम्मानित किया गया।
भीषण गर्मी में कर्मचारियों की मेहनत और समयपूर्व कार्य पूर्ण करने की प्रतिबद्धता ने प्रशासनिक कार्यों में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।





