राजर्षि मिश्रा उमरिया
विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान की सीमा से सटे बिरसिंघपुर पाली क्षेत्र के समग्र विकास, स्थानीय युवाओं के स्वर्णिम भविष्य और व्यापारिक बंधुओं के आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए एक ऐतिहासिक पहल करते हुए भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता और प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु द्विवेदी ने उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री व मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री माननीय श्री नागर सिंह चौहान जी से मुलाकात कर एक विस्तृत जनहितैषी मांग पत्र सौंपा है। इस मुलाकात के दौरान हिमांशु द्विवेदी ने प्रभारी मंत्री को चेचिरिया बेल्ट में बांधवगढ़ का एक नया सफारी एंट्री गेट स्वीकृत करने का पूरा तार्किक खाका प्रस्तुत किया, जिस पर माननीय मंत्री जी ने गहरी रुचि दिखाते हुए पावती प्रदान की और वन विभाग व मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के उच्च अधिकारियों को अविलंब आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित करने का भरोसा दिलाया। सौंपे गए प्रस्ताव में हिमांशु द्विवेदी ने बेहद तार्किक ढंग से बात रखते हुए बताया कि वर्तमान में बांधवगढ़ के अधिकांश मुख्य एंट्री गेट (जैसे ताला, मगधी, खितौली आदि) एक ही निश्चित क्षेत्र में केंद्रित हैं, जिसके कारण राष्ट्रीय उद्यान के पेरीफेरी (पाली रेंज) से पूरी तरह सटा होने के बावजूद बिरसिंघपुर पाली और इसके आस-पास के विकासशील ग्रामीण क्षेत्रों को पर्यटन उद्योग का सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बिरसिंघपुर पाली की उत्कृष्ट रेलवे कनेक्टिविटी (बिलासपुर-कटनी रूट) को इस मुहिम का सबसे बड़ा आधार बनाया, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक सीधे ट्रेन द्वारा पाली पहुंचकर महज 17 से 20 किलोमीटर (20-25 मिनट) की दूरी तय कर चेचिरिया गेट से सफारी का आनंद ले सकेंगे और इससे सैलानियों के समय व धन की भी भारी बचत होगी। इस गेट के अस्तित्व में आते ही पूरे क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक समृद्धि की एक नई क्रांति आएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को बाहर पलायन नहीं करना पड़ेगा और वे अपने ही क्षेत्र में जिप्सी ड्राइवर, टूरिस्ट गाइड, ट्रैकर व होटल-रिसॉर्ट स्टाफ के रूप में सीधे रोजगार के सैकड़ों नए अवसरों से जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही, पर्यटकों के भारी आवागमन के कारण बिरसिंघपुर पाली नगर और चेचिरिया मार्ग के होटलों, लॉज, ढाबों, टैक्सी ऑपरेटरों, हस्तशिल्प और छोटे दुकानदारों के व्यापार में भारी तेजी आएगी, जिससे प्रधानमंत्री जी के “वोकल फॉर लोकल” के विजन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी। प्रस्ताव का एक सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों को होगा, जहाँ के स्थानीय लोग अपने घरों को ‘होमस्टे’ (Home Stays) में बदलकर पर्यटकों को ठहरा सकेंगे और बिना किसी बड़े निवेश के घर बैठे एक पक्की मासिक आमदनी का जरिया बना सकेंगे। इसके अलावा, पीक सीजन के दौरान बांधवगढ़ के मुख्य द्वारों पर पर्यटकों और वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है, जो चेचिरिया बेल्ट में नया बफर/कोर गेट खुलने से कम होगा और वन्यजीव प्रबंधन भी बेहतर होगा। इस महत्वपूर्ण जनहित प्रस्ताव की कॉपियां उचित पैरवी और त्वरित विभागीय कार्रवाई हेतु माननीय मुख्यमंत्री, वन मंत्री, पर्यटन मंत्री (मध्य प्रदेश शासन), प्रबंध संचालक (मप्र टूरिज्म बोर्ड), फील्ड डायरेक्टर (बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व) तथा कलेक्टर उमरिया को भी सादर प्रेषित की गई हैं। हिमांशु द्विवेदी की इस दूरगामी और विजनरी पहल के बाद पूरे बिरसिंघपुर पाली और चेचिरिया क्षेत्र की जनता, युवाओं तथा व्यापारी वर्ग में हर्ष की लहर दौड़ गई है और सभी ने इस त्वरित संज्ञान व सकारात्मक आश्वासन के लिए उनका सहृदय आभार व्यक्त किया है।





