नसीमखान सांची
सांची,,,
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के योग एवं आयुर्वेद विभाग द्वारा गायत्री मंदिर विदिशा, रामलीला मैदान साँची एवं विश्वविद्यालय परिसर सलामतपुर में त्रिदिवसीय निःशुल्क योग शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर का संचालन विभाग के शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा है।
योग विभाग के प्रभारी डॉ. उपेन्द्र बाबू खत्री के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर के प्रथम दिवस पर तीनों स्थानों पर स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना एवं योग के महत्व पर प्रेरणादायी उद्बोधन के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रतिभागियों को सूक्ष्म व्यायाम, सूर्य नमस्कार, विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया।
गायत्री मंदिर, विदिशा में आयोजित सत्र के दौरान योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर विशेष बल दिया गया। वहीं रामलीला मैदान, साँची में प्रतिभागियों को योग के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन के उपाय बताए गए। विश्वविद्यालय परिसर सलामतपुर में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने योग के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पक्षों पर जानकारी देते हुए नियमित योगाभ्यास के लाभ समझाए।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. उपेन्द्र बाबू खत्री ने अपने संदेश में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो सम्पूर्ण मानवता को स्वास्थ्य, संतुलन एवं आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित यह त्रिदिवसीय शिविर समाज में स्वास्थ्य जागरूकता एवं योग संस्कृति के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
शिविर के दौरान प्रतिभागियों को योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा स्वस्थ, सकारात्मक और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। आगामी दिनों में योगासन, प्राणायाम, ध्यान, योगनिद्रा एवं स्वस्थ जीवनशैली विषयक विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है।





