सांची,,, वैसे तो बाबा सा डा भीमराव अम्बेडकर जी को संविधान निर्माता जाना जाता है तथा वह देश की स्वतंत्रता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं परन्तु इस नगर में बसस्टेंड परिसर में उनके समर्थकों ने काफी समय पूर्व उनकी प्रतिमा स्थापित कर दी थी। इस स्थल पर आने वाले उनके हजारों की संख्या में अनुयाई उन्हें माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते रहते हैं कुछ समय पूर्व उनकी प्रतिमा को अज्ञात लोगों ने क्षति ग्रस्त कर दिया था तब से अब तक न ई प्रतिमा को स्थापित होने की दरकार बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार यह स्थल एक विश्व विख्यात बौद्ध पर्यटक स्थल के रूप में विख्यात है इस स्थल पर विश्व भर से बौद्ध अनुयायियों सहित यहां की पुरा संपदा से रूबरू होने हजारों की संख्या में पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है तथा इस स्थल पर बसस्टेंड परिसर में स्थित संविधान निर्माता बाबा सा डा भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं साथ ही नगर में वार्षिक बौद्ध मेले के समय हजारों की संख्या में बाबा सा के अनुयायियों द्वारा उन्हें माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं इतना ही नहीं नगर में होने वाले विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होने के पूर्व बाबा सा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के पश्चात ही कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं । हालांकि इस प्रतिमा को बाबा सा के पौत्र भी आकर देख चुके हैं परन्तु कुछ समय पूर्व कुछ अज्ञात लोगों द्वारा बाबा सा की प्रतिमा को क्षति पहुंचाई गई थी जिससे प्रतिमा की एक उंगली टूटी पाई गई एवं उनका चश्मा भी गायब हो गया था तब नगर के जागरूक लोगों द्वारा इस घटना की जानकारी प्रशासन को दी गई थी तथा उस समय नायब तहसीलदार श्रीमती नियति साहू ने पटवारी को भेज पंचनामा बनवाया था तथा कार्यवाही का आश्वासन दिया एवं तभी नगर में कार्यरत तत्कालीन थाना प्रभारी डीडी आजाद ने जानकारी लगते ही दलबल सहित प्रतिमा स्थल पर पहुंच कर निरीक्षण करते हुए बाबा सा की टूटी उंगली उठाकर अपने साथ ले गए थे तथा लोगों को आश्वस्त किया गया था कि शीघ्र न ई प्रतिमा स्थापित करवाई जाएगी तभी बाबा सा के अनुयायियों ने भी तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए खंडित प्रतिमा हटाकर दूसरी प्रतिमा की लगाने की मांग की गई थी परन्तु लगभग आठ माह का लंबा वक्त गुजर गया तब से अब तक खंडित प्रतिमा पर ही माल्यार्पण चलता रहा हालांकि नगर में बाबा सा की न ई प्रतिमा की चर्चा चल पड़ी एवं न ई प्रतिमा मंगवा ली गई एवं उसे थाना सांची परिसर में ढककर रख दी गई यह प्रतिमा को लाये हुए भी काफी समय गुजर गया परन्तु खंडित प्रतिमा हटाकर न ई प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी तथा आज भी खंडित प्रतिमा को हटाने का इंतजार बना हुआ है तो बाबा सा की न ई प्रतिमा को स्थापित होने का इंतजार है रहा है परन्तु प्रशासन की नजर यहां नहीं पहुंच पा रही है जिससे आज भी बाबा सा के अनुयायियों को क्षतिग्रस्त प्रतिमा पर ही माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करना पड़ते हैं ।कब तक बाबा सा की नवनिर्मित प्रतिमा कपड़े में लिपटी स्थापित हो सकेगी । बेसब्री से लोगों को बाबा सा की नवीन प्रतिमा स्थापित होने का इंतजार करना पड़ेगा।

  • editornaseem

    Related Posts

    विशाल चुनरी यात्रा ग्राम बेल्दी में निकाली गई।

    भाक्ति के रंग में रंगा बेल्दी गांव, भंडारे का भी आयोजन रिपोर्ट राजर्षि मिश्राचैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के उमरिया जिले मानपुर जनपद पंचायत अन्तर्गत ग्राम छोटी…

    हर्षोल्लास और सौहार्द के साथ मना ईद-उल-फितर का पर्व।नमाज के बाद देश में अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबादसांची,

    नसीमखान सांचीनगर सहित आसपास के क्षेत्रों में मुस्लिम समुदाय ने ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया। एक माह के पवित्र रमजान के समापन पर आज बड़ी संख्या…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    विशाल चुनरी यात्रा ग्राम बेल्दी में निकाली गई।

    विशाल चुनरी यात्रा ग्राम बेल्दी में निकाली गई।

    हर्षोल्लास और सौहार्द के साथ मना ईद-उल-फितर का पर्व।नमाज के बाद देश में अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबादसांची,

    हर्षोल्लास और सौहार्द के साथ मना ईद-उल-फितर का पर्व।नमाज के बाद देश में अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबादसांची,

    धर्ममय हुई ऐतिहासिक नगरी सांची, मंदिरों में गूंजे भजन तो मस्जिद में अदा हुई अलविदा जुमे की नमाज।नौदुर्गा की शुरुआत से बढ़ी धार्मिक गतिविधियां, ईद की तैयारियों में भी दिखा उत्साह।

    धर्ममय हुई ऐतिहासिक नगरी सांची, मंदिरों में गूंजे भजन तो मस्जिद में अदा हुई अलविदा जुमे की नमाज।नौदुर्गा की शुरुआत से बढ़ी धार्मिक गतिविधियां, ईद की तैयारियों में भी दिखा उत्साह।

    सांची में हरित अभियान को रफ्तार, अगले वर्ष 6000 पौधों के रोपण का लक्ष्य।

    सांची में हरित अभियान को रफ्तार, अगले वर्ष 6000 पौधों के रोपण का लक्ष्य।

    कलश यात्रा के साथ संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण की शुरुआत

    कलश यात्रा के साथ संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण की शुरुआत

    बादलों का डेरा, बूंदाबांदी से किसानों की बढ़ी चिंता।कटाई से पहले बदले मौसम ने बढ़ाई फसल खराब होने की आशंका

    बादलों का डेरा, बूंदाबांदी से किसानों की बढ़ी चिंता।कटाई से पहले बदले मौसम ने बढ़ाई फसल खराब होने की आशंका