नसीम खान संपादक रायसेन,
कृषि विज्ञान केन्द्र रायसेन में एमपी फार्म गेट एप तथा प्रदेश में भारत सरकार की योजना कृषि अवसंरचना निधि एआईएफ पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला कलेक्टर श्री अरविंद दुबे की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में एमपी फार्म गेट एप तथा कृषि अवसंरचना निधि की विशेषताओं का प्रचार-प्रसार करने कृषकों, व्यापारियों, उद्यमियों, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को इन योजनाओं की मुख्य विशेषताएँ जैसे फसलोपरांत प्रबंधन एवं सामुदायिक खेती संबंधित परियोजना की जानकारी मंडी बोर्ड भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में दी गई।
कार्यशाला के प्रारंभ में मंडी बोर्ड के अपर संचालक श्री एस बी सिंह द्वारा कलेक्टर श्री अरविन्द दुबे तथा उप संचालक कृषि श्री एनपी सुमन सहित अन्य अतिथियों का स्वागत किया गया। कलेक्टर श्री दुबे ने कृषकों, व्यापारियों, उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार की योजना एआईएफ, महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने एमपी फार्म गेट ऐप तथा एआईएफ योजना की उपयोगिता बताते हुए कृषकों को उनकी कृषि उपज का अधिकतम मूल्य एवं उनके रखरखाव के संबंध मे जानकारी दी गई। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों से चर्चा की तथा इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने हेतु आव्हान किया।
देश में कृषि अधोसंरचना सुधार के क्रम में वित्तीय सहायता देने के उददेश्य से कृषि अवसंरचना निधि (।प्थ्) योजना का संचालन किया जा रहा है, जिसमें एक लाख करोड़ रूपये का भारत सरकार द्वारा कोष सृजित किया गया है। योजना में बैंकों से ऋण लेने पर राशि रूपये दो करोड़ तक योजना स्वीकृत होने पर तीन प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज की छूट हितग्राही को उपलब्ध कराई जा रही है।
कार्यशाला के द्वितीय चरण में अपने घर खलियान से अपनी कृषि उपज अपने दाम पर विक्रय करने की सुविधा, कृषि विक्रय में होने वाले खर्चों में कटौती, मंडी में होने वाली भीड़ से बचत आदि सुविधाओं के संबंध में एमपी फार्म गेट ऐप से संबंधित उपयोगिता की जानकारी दी गई। साथ ही किस तरह से एमपी फार्म ऐप को एंड्राइड मोबाइल पर गूगल प्ले स्टोर पर जाकर डाउनलोड किया जा सकता है तथा उक्त ऐप को किस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है, इसका विस्तार से प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुतीकरण श्री सहायक संचालक मंडी बोर्ड योगेश नागले द्वारा किया गया। कार्यशाला में बड़े स्तर पर रायसेन जिले की 07 मंडियों से आए हुए व्यापारियों तथा कृषकों द्वारा अपनी जिज्ञासा अनुरूप प्रश्न पूछे गए जिसका समाधान कारक उत्तर उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा दिया गया।
इस कार्यशाला में महिला प्रतिभागियो द्वारा भी बहुतायत मे हिस्सा लिया गया। रायसेन जिले एवं मध्य प्रदेश के अन्य भागों में उन्नत कृषि कृषकों द्वारा अपनाई गई है। पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से एआईएफ पर खुलकर उपयोगी चर्चा हुई जिसमें अवगत कराया गया कि इस योजना के तहत वेयरहाउस ,कोल्ड स्टोरेज, राइपिंग चेंबर, प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिट, दाल मिल, फ्लोर मिल, आटा मिल, कस्टम हायरिंग सेंटर, मसाला उद्योग, बांस प्रोसेसिंग उद्योग इत्यादि में एआईएफ योजना का लाभ ले सकते हैं। एआईएफ पोर्टल का तकनीकी प्रशिक्षण भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिया गया। कार्यशाला में हितग्राहियों को हर संभव सहायता मुहैया कराना और इससे लाभान्वित होने का आव्हान किया। एआईएफ योजना में अभी तक रायसेन जिले में 325 आवेदनों में 318 करोड़ रूपये तथा प्रदेश में 5460 आवेदनों में 4210 करोड़ रूपये की राशि बैंको द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है जिससे मप्र देश में प्रथम स्थान पर हैं।






