गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सरकार के द्वारा देश के प्रत्येक जिलों में गौ अभ्यारण बनाने एवं गौ हत्या निषेध कानून को प्रभावी रूप से लागू किए जावे

_ डिंडोरी
रिपोर्ट_ करन गुप्ता

डिंडौरी – गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सरकार के द्वारा देश के प्रत्येक जिलों में गौ अभ्यारण बनाने एवं गौ हत्या निषेध कानून को प्रभावी रूप से लागू किए जावे।। भगवती मानव कल्याण संगठन।




गौमाता भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म का महत्वपूर्ण आधार है प्राचीन काल से ही भारतीय समाज में गौ माता का स्थान पूज्यनीय रहा है ऋषि-मुनियों साधु संतों के साथ ही आम जनमानस की भी गौ माता के प्रति अटूट श्रद्धा सदा से ही रही है।धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि के साथ ही गौ माता आर्थिक एवं सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। जहां गौ माता का दूध दही घी आदि का उपयोग खाद्य पदार्थ के रूप में किया जाता है, वही गोमूत्र व गोबर का उपयोग चिकित्सा एवं खाद व कीटनाशक आदि बनाने में किया जाता है।गौमाता सकारात्मक ऊर्जा से सदा परिपूर्ण रहती है,जो वातावरण को पवित्र व स्वच्छ बनाती है।लेकिन वर्तमान समाज के लिए यह बेहद खेद का विषय है, कि हम प्रकृति की दी हुई इतनी महत्वपूर्ण अद्वितीय एवं अलौकिक प्रतीक को उचित वातावरण भी नहीं दे पा रहे जो मानव समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।इस संदर्भ में वर्तमान समाज की व्यवस्था इतनी विकृत हो चुकी है कि गौ माता को सड़कों व चौराहों पर ही छोड़ दिया जाता है।उनके चरने की भूमि धीरे-धीरे खत्म हो चुकी है जिससे भूख प्यास व रोगों के कारण मर रही है एवम सरकारी गौशाला अव्यवस्था एवं भ्रष्टाचार की वजह से विफल हो रही है,साथ ही गौवंशो की प्रतिदिन हो रही हत्या सनातन धर्म के लोगों की भावनाओं को आहत कर रही है।

महोदय भगवती मानव कल्याण संगठन एवं जनकल्याणकारी संगठन है।जो पिछले 30 वर्षों से धर्म सम्राट युग चेतना पुरुष सदगुरुदेव परमहंस योगीराज शक्तिपुत्र जी महाराज के निर्देशन में समाज को नशे मांसाहार जातीयता छुआछूत एवं संप्रदायिकता जैसी महामारीयों से बचाने एवं समाज के लोगों को चरित्रवान व चेतनावान बनाने के साथ ही गौ सेवा के क्षेत्र में भी कार्यरत है।अतः गौ संवर्धन व संरक्षण हेतु हमारी मांग है कि
1.भारतीय संविधान का अनुच्छेद 48 गौवंशों के संरक्षण एवं उनकी हत्या को प्रतिबंधित करता है। वर्तमान परिस्थिति में गौमाता को सुरक्षित व संरक्षित करने का एकमात्र उपाय गौ अभ्यारण है। जहां शेर चीतों एवं अन्य महत्वपूर्ण जीवों की तरह ही गायों के लिए भी देश के प्रत्येक जिलों में एक प्राकृतिक स्थानों/ जंगलों का चयन कर उसकी सीमा रेखा तय करके उसे पूर्णता सुरक्षित किया जाए। जहां बेसहारा गायों को रखा जा सके इसके साथ ही इनकी देखरेख व उपचार आदि की व्यवस्था हेतु अलग से एक विभाग भी बनाया जाए।जिससे रोजगार का भी एक अवसर बड़ेगा। 2.गौ अभ्यारण में विशेष नियमों के तहत दुधारू गायों को आम जनमानस को प्रदान करने एवं जब गाय दूध देना बंद कर दे तो उसे पुनः नजदीकी गौ अभ्यारण में छोड़ने का भी प्रावधान बनाया जाए। जिससे आम जनमानस को भी इस पावन कार्य से जोड़ा जा सके।3.गौ हत्या निषेध कानून जो राज्यों की इच्छा पर निर्भर है उसे केंद्र सरकार के द्वारा देश स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए।ताकि गौ हत्या को पूर्णता बंद किया जा सके। महोदय भगवती मानव कल्याण संगठन की उपरोक्त मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार कर देश के प्रत्येक जिलों में गर्भधारण बनाए जाए एवं गौ हत्या निषेध कानून को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।

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