नसीम खान संपादक
सांची,,, वैसे तो अनेक शासकीय विभाग अपनी उल्टी सीधी कार्यप्रणाली के चलते चर्चित होते रहे हैं परन्तु जांच के नाम पर लीपापोती चलती रहती है । वहीं दूसरी ओर लोगों को भी शासन द्वारा उपलब्ध कराने वाली सुविधाओं का लाभ उठाने में भी लोग कुछ भी करने तैयार रहते हैं । ऐसा ही मामला सामने आया है जब एक गांव के अधिकांश लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने विकलांग प्रमाण पत्र जारी करते हुए विकलांग का दर्जा दे दिया ।जो गंभीर जांच का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार वैसे तो स्वास्थ्य विभाग में अनेक मामले सामने आते रहे हैं इसमें एक मामला और जुड़ गया है बताया जाता है कि सरकार विकलांग लोगों के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित कर रही है तब इन योजनाओं का लाभ उठाने लोग प्रशासन में बैठे लोगों के साथ मिलीभगत कर पात्रता की श्रेणी में शामिल होने कुछ भी कर गुजरने से गुरेज नहीं करते । ऐसा ही मामला समीपस्थ ग्राम पंचायत ढकना चपना जनपद पंचायत सांची अंतर्गत आने वाले ग्राम बिलोरी का सामने आया है जब सरकार ने विकलांग व्यक्तियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने योजना लागू की तो इस मामले में कागजी कार्रवाई करने विकलांग प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है तब यह विकलांग प्रमाण पत्र जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच पड़ताल कर जारी किया जाता है तथा इस प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पाता है तब पात्रता की श्रेणी में आने वाले लोगों को लाभ मिलने में तब मशक्कत करनी पड़ती है जब पात्रता की श्रेणी में आने के लिए भी लोग कुछ भी कर गुजरने से गुरेज नही रखते तथा लाभ उठाने में अग्रणी पंक्ति में खड़े हो जाते हैं तथा स्वास्थ्य विभाग की मिली भगत से संभव हो जाता है विकलांगो को अपनी विकलांगता का प्रमाण पत्र बनवाने जिला मेडिकल बोर्ड जाना होता है तथा मेडिकल बोर्ड द्वारा विकलांगता संबंधित जांच पड़ताल कर प्रमाण पत्र जारी कर देता है परन्तु इस गांव के लगभग 90% से अधिक लोग मेडिकल बोर्ड से प्रमाण पत्र बनवाने में सफल हो चुके हैं बताया जाता है कि जो पूरी तरह स्वस्थ हैं वह भी विकलांग प्रमाण पत्र हासिल करने के उपरांत सरकारी योजनाओं का लाभ विकलांग बनकर उठाने लाईन में लग चुके हैं । विकलांग व्यक्ति या तो ईश्वर के यहां से ही जन्म से विकलांग रूप में जन्म लेते हैं अथवा किसी घटना दुर्घटना के कारण विकलांग हो जाते हैं सरकार ऐसे लोगों को भी सहारा बनकर उनके लिए भी अलग से योजना बनाकर लाभ देती है इन योजनाओं में शामिल सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा तथा रेलयात्रा में छूट सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ तथा विकलांग पेंशन योजना तथा गांव समाज की जमीन आवंटन में प्रार्थमिकता एवं किसी भी विभाग में आवेदन शुल्क में छूट जैसी अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है।परन्तु इन सुविधाओं का लाभ उठाने अच्छे भले स्वस्थ लोग भी इन असहाय लोगों की योजना का लाभ उठाने प्रशासन में बैठे लोगों के साथ मिलीभगत कर प्रमाण पत्र हासिल कर लेते हैं तथा सरकारी योजनाओं को चूना लगाने से पीछे नहीं दिखाई देते । बताया तो यहां तक जाता है कि इस गांव के लोगों ने मेडिकल बोर्ड में बैठे लोगों से सांठगांठ कर प्रमाण पत्र जारी करवा लिये है इतना ही नहीं जमीनी स्तर पर काम करने वाले सरकारी लोग जब इन योजनाओं का विकलांग लोगों की बात करते हैं तब ऐसे बनावटी विकलांग लोगों के सोर सप्पे तथा नेतागिरी शुरू हो जाती है तथा फर्जी प्रमाण पत्र का सहारा लेकर असहाय लोगों की योजना पर सीधा डाका डालने पीछे नहीं दिखाई देते। जिससे कर्मचारी मजबूर होकर न चाहते हुए भी अपात्र लोगों को पात्र मानने मजबूर हो जाते हैं यह स्वास्थ्य विभाग का कारनामा सामने आया है जो गंभीर मामला दिखाई देता है। इस मामले की गंभीरता से तथा निष्पक्ष रूप से उच्च स्तरीय जांच में उजागर होने से इंकार नहीं किया जा सकता है ।






