वसीम कुरैशी रिपोर्टर
उपयोग कर हर दिन फेंका जा रहा एक क्विंटल अमानक पॉलीथिन कचरा
औपचारिक रूप से चल रहा जब्ती का अभियान
रायसेन।रायसेन शहर सहित जिलेभर में सिंगल यूज पॉलीथिन का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है।जबकि सरकारों ने इस पर प्रतिबंध लगा रखा है।बावजूद इसके व्यापारी सब्जी फल विक्रेता इसका जमकर उपयोग कर रहे हैं।
इनका कहना है…..
रायसेन जिले में रोजाना लगभग 4 लाख रुपए की अमानक पॉलिथीन और प्लास्टिक, डिस्पोजल का विक्रय हो रहा है। हर माह नपा कर्मचारी दुकानों पर जाकर कुछ अमानक पॉलीथिन जब्ती कर औपचारिकता कर रहे हैं। आज भी शहर की सड़कों, गलियों, नालियों और खाली मैदानों में पड़ी पॉलीथिन प्रतिबंध को ठेंगा दिखा रही हैं।प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नपा के कर्मचारी मिलकर शहर में अमानक पॉलीथिन का उपयोग करने वालों पर कार्रवाई करते रहते हैं। अब फिर से सिंगल यूज प्लॉस्टिक के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
ईशांक धाकड़ सीएमओ, नपा, रायसेन
लापरवाही: सुप्रीम कोर्ट और सरकार के आदेश के बाद भी शहर में अमानक पॉलीथिन के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लग पाया है। पॉलीथिन कचरा शहर की कॉलोनियों, बाजारों एवं नाले-नालियों में फेंकी जा रही है, जिससे पशुओं के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। रोजाना शहर से करीब एक क्विंटल खतरनाक पॉलीथिन निकल रही है। जानकारी के मुताबिक सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के साथ पशुओं के लिए भी घातक है। हर साल पॉलीथिन खाने से पशुओं की मौत होती है। इसके बावजूद लोग अथवा जिम्मेदार इनके उपयोग पर रोक लगाने को लेकर जागरुक नहीं हैं।
शहर की आबादी करीब 50 हजार से अधिक है। प्रतिदिन घरों एवं बाजारों से करीब 20 टन गीला और सूखा कचरा निकल रहा है। इसमें हर घर से करीब दो से पांच सिंगल यूज पॉलिथीन निकलती हैं। इस तरह पूरे शहर से प्रतिदिन करीब एक क्विंटल अमानक पॉलीथिन निकल रही है। कई लोग घरों के आसपास खाली प्लॉटों, सड़कों एवं नालियों में फेंकते हैं, नपा को भी कचरे में बड़ी मात्रा में सिंगल यूज पॉलीथिन मिलती है, जिन्हें वे मुक्तिधाम के सामने ट्रेचिंग ग्राउंड पर फेंक रहे हैं। यहां भी दिनभर मवेशी कचरे को खाते दिखाई देते हैं।
वार्ड 9 में नाले पर लगा कचरे का ढ़ेर….
शहर के वार्ड 9 तालाब मोहल्ला रायसेन में व्यापारी कमलेश बेलानी के मकान के पीछे सेंटिंग ठेकेदार गनेश खटीक के घर के सामने गली में लंबे समय से नाले पर कचरा कूड़ा जमा है।रहवासियों का कहना है कि गली में एक धार्मिक देवी देवताओं का चबूतरा भी है।लोगों की शिकायत है कि नपा के सफाई कर्मचारी इस गली में ना तो कभी झाड़ू लगाई जाती और न महीनों पड़े कचरे को उठाया जाता।जिससे कचरे कूड़े के ढ़ेर से बदबू आ रही है।पहले नाले से निकाले गए सिल्ट और मलबे को यहां से सफाई कर्मचारियों द्वारा उठाया नहीं गया।जिससे वह मलबा दोबारा उसी नाले में समा रही है।इसी तरह देवचंद शाक्या देव आनंद शाक्या के बगल में खाली प्लॉट कचरा घर बन चुका है।यहीं दीपक मालवीय, प्रकाश मालवीय के मकान की गली में एक पखवाड़े से पड़ा कचरा उठाया नहीं गया है।ऐसे में रायसेन शहर स्वच्छता के मामले में नबंर 1 कैसे बनेगा।
नसीम खान संपादक






