वसीम कुरैशी रिपोर्टर
रायसेन।रायसेन शहर में गुरुवार को दोपहर रायसेन ब्लॉक कांग्रेस और युवा कांग्रेस ने संयुक्त रूप से पटवारी परीक्षा में हुई गड़बड़ी की सीबीआई जांच की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी कार्यकर्ता अपनी आंखों पर काली पट्टी बांधकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय रायसेन पहुंचे। यहां उन्होंने प्रभारी तहसीलदार नरेश सिंह राजपूत को 6 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल मंगू भाई पटेल के नाम ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा जिस कॉलेज में पटवारी की परीक्षा हुई है, वह कॉलेज ग्वालियर के एक भाजपा विधायक का है। इस दौरान रायसेन ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष विकास शर्मा, कांग्रेस नेता रेहान खान एडवोकेट ,जावेद अहमदखान , डॉ जीसी गौतम, वीरेंद्र कौरव राजू माहेश्वरी दौलत सेन दुर्गेश खरे, प्रभात चावला, पार्षद रवि यादव दीपक थौरात ,जुबैर खान,रुपेश तंतवार, असलम खान हसीब हिंदुस्तानी, टाइगर कुरैशी,डॉ जीसी गौतम ,सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
यह है 6 सूत्रीय मांगें…..
- पटवारी परीक्षा का परिणाम आया है जिसमें मेरिट में आने वाले पहले 10 में से 7 अभ्यार्थी एक ही परीक्षा केंद्र “NRI” कॉलेज ग्वालियर से हैं।
- परीक्षा की कुल 9073 पदों पर भर्ती निकली जिसमे 6755 पटवारी के पदों में सेलेक्ट होने वाले लगभग 1000 अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र “NRI” कॉलेज ग्वालियर है।
- जिस परीक्षा के लिए लगभग 12 लाख 80 हजार फॉर्म भरे गए हों, उनमें से सभी 10 टॉपर के रोल नंबर एक ही सीरीज में आसपास होना बहुत बड़ा सवाल पैदा करता है।
- जिन अभ्यार्थियों ने परीक्षा में पहले 10 पायदानों में अपनी जगह सुरक्षित की है वह निश्चित रूप से पूर्ण शिक्षित होंगे. ऐसे अभ्यार्थियों का एक दम सामान्य हिंदी में हस्ताक्षर करना और उनका अंग्रेजी में 25 में से 25 नम्बर आना संदेहात्मक है।
- शिक्षक वर्ग-3 भर्ती घोटाला जब हुआ तो उसमें कॉलेज प्रदेश के परिवहन मंत्री का था. इस बार यह कॉलेज भाजपा विधायक राजीव सिंह कुशवाहा का है ।
- व्यापम का नाम बदलकर “ESB” तो कर दिया गया लेकिन आज भी परीक्षा के बाद होने वाले नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं बनाया गया जो पूर्णत संदेह के घेरे में है।
इसकी जांच सीबीआई से कराई जाए। जिससे प्रदेश के युवाओं को न्याय मिल सके। अगर ऐसा नहीं होता है तो कांग्रेस पार्टी द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
नसीम खान संपादक






