नसीम खान संपादक
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
सांची,,, बरसों से इस स्थल पर टप्पा तहसील अस्तित्व में थी इस टप्पा तहसील को भवन उपलब्ध कराते हुए इस स्थल से तीन किलोमीटर दूर स्थित ग्राम आमखेड़ा में नवनिर्मित भवन में स्थानांतरित कर दिया गया था तब से लोगों को तहसील तक पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ रही है जबकि सभी प्रमुख शासकीय दफ्तर इस स्थल पर ही है इस टप्पा तहसील को पुनः सांची में वापस लाने बड़ी संख्या में हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को सौंपा ।
जानकारी के अनुसार नगर में क्षेत्र भर के किसानों मजदूरों ग्रामीणों को राजस्व संबंधी मामलों के निराकरण के लिए इस स्थल पर टप्पा तहसील अस्तित्व में लाई गई थी । यह स्थल विकास खंड मुख्यालय होने के कारण यहां सभी लगभग शासकीय कार्यालय होने से ग्रामीणों मजदूरों सहित अन्य लोग अपने अपने काम विभिन्न कार्यालयों में एक ही बार में निपटा लेते थे तथा इस स्थल पर आने वाले पर्यटकों सहित विशिष्ट अतिविशिष्ट व्यक्तियों के आने जाने से अधिकारियों को भी सुविधा होती थी हालांकि तहसील कार्यालय भवन जनपद पंचायत भवन में बरसों से रहा है परन्तु तहसील को अपना स्वयं का भवन उपलब्ध कराने क्षेत्रीय विधायक एवं सरकार में स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभूराम चौधरी के प्रयास से उपलब्ध हो गया तथा उसका लोकार्पण भी डा चौधरी द्वारा कर दिया गया तथा टप्पा तहसील सांची से स्थानांतरित होकर इस स्थल से तीन किलोमीटर दूर स्थित ग्राम आमखेड़ा में अपने नवनिर्मित भवन में पहुंच गई । जबकि इस स्थल पर जनपद पंचायत कार्यालय सहित अनेक सरकारी दफ्तर एवं बैंक इस विकास खंड मुख्यालय पर ही है तब लोगों को तहसील तक पहुंचने में अपने काम के लिए जाना पड़ता है जिससे लोगों को समय के साथ ही अतिरिक्त धन व्यय करना पड़ता है इस तहसील समस्या से लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है इस संबंध में टप्पा तहसील को पुनः सांची में ही वापस लाने के लिए लगभग डेढ़ दोसो लोगों का हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को सौंपा गया है । इस ज्ञापन में कहा गया है कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ चौधरी ने लोगों की समस्या को दरकिनार करते हुए ग्राम पंचायत ढकना चपना अंतर्गत आने वाले ग्राम आमखेड़ा में टप्पा तहसील स्थानांतरित करा दी । इस तहसील कार्यालय के चक्कर किसानों के काम निपटाने के लिए वकीलों को भी काटने पर मजबूर होना पड़ता है। ज्ञापन में कहा गया कि किसानों को अपने जमीन संबंधी प्रकरणों एवं पेशी करने बंटवारा सीमांकन नामांतरण हेतु मामले के लिए आमखेड़ा जाना पड़ता है जिससे समय के साथ ही अतिरिक्त राशि किराये के रूप में खर्च हो जाती है तब सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है जब लोग वहां पहुंचते हैं तब तहसीलदार किसी विशेष कारणों से किसी विशेष ड्यूटी में तैनात हो जाते हैं तब किसानों मजदूरों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है इस स्थल से टप्पा तहसील दूर स्थित होने से तहसील कार्यालय अपने काम निपटाने महिलाओं को सबसे अधिक परेशान होना पड़ता है तथा सांची एक विश्व विख्यात पर्यटक स्थल है इस स्थल पर नगर परिषद स्थानीय प्रशासन को चला रही है इस स्थल पर पंद्रह वार्ड है सांची नप अधीन काफी सरकारी भूमि है तथा राजस्व विभाग की भी काफी भूमि होने से सरकारी भूमि पर भूमाफिया काबिज हो बैठे हैं इस तहसील कार्यालय भवन हेतु नगर में ही काफी भूमि रिक्त छोड़ कर तीन किलोमीटर दूर स्थित आमखेड़ा स्थित भूमि पर तहसील कार्यालय भवन निर्माण किया जाकर तहसील कार्यालय स्थानांतरित करना कहीं न कहीं लोगों को परेशानी में डालना प्रतीत होता है इस ज्ञापन में विकास खंड क्षेत्र में आने वाले ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर ज्ञापन सौंपकर पुनः तहसील कार्यालय को सांची में ही स्थानांतरित करने की मांग की गई है साथ ही ज्ञापन में कहा गया है कि ऐसा न होने से आगामी विधानसभा चुनाव में इस का प्रभाव पड़ सकता है । ज्ञापन में हस्ताक्षर करने वालों में प्रमुख रूप से बलवंत सिंह राजपूत जवाहर सिंह चौहान केसरी सिंह मोबत सिंह सीताराम अहिरवार बाबूलाल सहित अनेक लोग शामिल हैं।






