नसीम खान
सांची,,, इस स्थल पर वाहन दुर्घटना एवं रेल दुर्घटना में आक्समिक मौत के मुंह में समाने वाले लावारिस शवों को आगे बढ़ कर हिस्सा लेकर उन शवों जिनका कोई परिवार नहीं रहता तब नगर के जाने-माने मुशर्रफ कुरैशी आगे बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं तथा ऐसे मृतकों के शवों को अंतिम संस्कार करने तथा अपने स्वयं के व्यय पर संसार से विदा देने नगर के पूर्व पार्षद मुशर्रफ कुरैशी आगे बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं तथा मृतकों को अंतिम संस्कार करने आगे आते हैं इस अवसर पर जब जब लावारिस हालत में शवो को पुलिस बरामद करती है तब तब मुशर्रफ कुरैशी को बुलाया जाता है तब शवों का अंतिम संस्कार करने नियमानुसार पुलिस की मौजूदगी में रीति रिवाज से अंतिम संस्कार करते हैं सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस अंतिम संस्कार में वह सभी व्यय अपने स्वयं के खर्च पर करते हैं ।जब ऐसे मृतकों का कोई नहीं होता तब अंतिम संस्कार मुशर्रफ कुरैशी द्वारा किया जाता है इस पुनीत कार्य की हर तरफ प्रशंसा की जाती है इस पुनीत कार्य में श्री कुरैशी लंबे समय से यह कार्य करते आ रहे हैं । इसके पूर्व ऐसे ही कार्य को स्व रमेश पासी भी किया करते थे । अब लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने का बीड़ा मुशर्रफ कुरैशी ने उठाया है । इस मामले में जब श्री कुरैशी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जीवन में तो सब एक दूसरे के काम आ जाते हैं परन्तु जब कोई व्यक्ति की मौत हो जाती है एवं मृतक का कोई परिवार नहीं रहता तब ऐसी दशा में हमारा कर्तव्य बन जाता है कि हम उस मृतक के परिवार का हिस्सा बने इस कार्य के करने से शवों का रीती रिवाज़ से अंतिम संस्कार हो जाता है तथा इस काम में बड़ा पुण्य का सुखमय अनुभव होता है सभी लोगों को ऐसे पुनीत कार्य में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए जिससे सबसे बड़ा पुण्य मिलता है ।






