नसीम खान
सांची,,,इन दिनों मंहगाई अपने चरम पर पहुंच चुकी है अभी तक खाद्य पदार्थ ही मंहगाई के बोझ तले दब गए थे अब सब्जी ने भी मंहगाई का उछाल मार दिया । इससे महिलाओं की रसोई में सन्नाटा पसर गया । अब सब्जी भी नसीब नहीं हो पा रही है ।
जानकारी के अनुसार पहले तो लोग खाद्य सामग्री के बढ़ते दाम से परेशानी उठा रहे थे इसमें दाल तेल मसाले सहित परिवार के उपयोग के सभी सामान जो मंहगाई से आसमान छू रहे थे अभी इससे छुटकारा मिल भी नहीं सका था कि अब सब्जी ने मंहगाई का उछाल मार दिया इसके साथ ही फलफ्रूड भी मंहगाई तले दबकर रह गए हालांकि यह सावन का त्योहारी माह चल रहा है इस माह में लोग अधिकांश उपास रख रहे हैं इसमें फलहारी की जाती है परन्तु फलों की मंहगाई ने फलहारी पर भी रोक लगा रखी है इसके साथ ही लोगों को सब्जी मंहगी होने से अनेक घरों की रसोई भी सूनी हो गई है इसका सीधा असर महिलाओं पर पड़ता दिखाई दे रहा है वैसे तो मुख्यमंत्री ने महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए देना शुरू कर तो दिये है परन्तु मंहगाई के सामने एक हजार रुपए की राशि बौना साबित हो रही है तब महिलाओं में चर्चा छिड़ गई कि एक हजार रुपए से गैस सिलेंडर जो साढ़े ग्यारह सौ रुपए का लिया जाये या तेल दाल खरीद की जाये अथवा सब्जी की खरीद हो इससे गरीब आदमी पर भी बोझ पड़ रहा है जबकि अमीर आदमी को इस मंहगाई से कोई सरोकार नहीं रहा इसका सबसे अधिक असर मध्यम वर्गीय परिवारों को भोगना पड़ रहा है मध्यम वर्गीय परिवार की गिनती न तो ग़रीबी में ही की जा रही न ही अमीरी तक पहुंचने का सपना ही देखा जा सकता है तब इस हालात में मध्यम वर्गीय परिवारों की सुध सरकारें ही ले पा सकी है इस दशा में रसोई घर पूरी तरह सूने हो चले हैं सब्जी मंहगी होने के साथ ही टमाटर ने तो रिकॉर्ड ही तोड़ डाला इससे महिलाओं को खासी परेशानी से जूझना पड़ रहा है मंहगाई बढ़ती गई तो वह दिन दूर नहीं दिखाई दे रहे जब लोगों को अपने पुरखों के पदचिन्हों पर चलते हुए प्याज को रोटी में रखना पड़ेगा हर आदमी बढ़ती मंहगाई से सरकारों को कोसता दिखाई दे रहा है मंहगाई पर लगाम लगाने सरकार नाकाम साबित हो रही है इस मंहगाई से राहत देने सरकारों को कोई सरोकार नहीं रहा है । सरकार के विभिन्न करो मंहगाई की मार बिजली बिलों पानी बिलों की मनमानी राशि वसूलने से अब लोगों का जीना दुश्वार होता जा रहा है परन्तु सरकार अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में ही लगी दिखाई दे रही है । जिससे बढती मंहगाई से लोगों का सरकारों से भी मोहभंग होता दिखाई दे रहा है ।






