सरार अंतर्गत गांव में आतंक फेला रहे सियार वनविभाग बेफिक्र।पशु चिकित्सालय में घायल पशुओं के लिए नहीं इंजेक्शन

नसीम खान संपादक
सांची,,,इन दिनों दीवानगंज क्षेत्रांतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सरार अंतर्गत आने वाले दहीडा गांव में एक सियार ने इतना आतंक फेला दिया है कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है तथा इस सियार ने दो दर्जन से अधिक जानवरों को भी घायल कर डाला ।
जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सरार के अंतर्गत आने वाले दहीडा गांव में इन दिनों दहशत का माहौल बना हुआ है बताया जाता है कि इस क्षेत्र में एक सियार ने इतना आतंक फेला दिया है कि लोगों में दहशत बढ़ गई है इस सियार ने गांव के लगभग दो दर्जन से अधिक पशुओं को जख्मी कर दिया ग्रामीणों ने बताया कि तीन चार सियार इन दिनों मवेशियों पर हमला कर घायल कर रहे हैं इन सियारों के हमले में दो दर्जन से अधिक पशु गंभीर घायल हो गए हैं तथा यह सियार रात में गांव में घुस जाते हैं तथा पशुओं पर हमला कर देते हैं जिससे पशु घायल हो जाते हैं इस मामले में पशु चिकित्सालय में घायल पशुओं के उपचार हेतु गांव वाले सूचना देते हैं तो पशु चिकित्सालय से न तो घायल पशुओं को उपचार ही मिल पा रहा है तथा घायल पशुओं को देखने की फुर्सत ही पशु चिकित्सकों को मिल पा रही है तथा पशु इस हमले का तडप तडप कर खामियाजा भोग रहे हैं तथा गांव वालों में भी रोष बढ़ रहा है जैसे तैसे घायल पशुओं को पशु चिकित्सालय तक ले भी जाया जाता है तो पशु-चिकित्सक पशुओं को देने वाले इंजेक्शन न होने का कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं तब पशु मालिकों को बाजार से इंजेक्शन खरीदने पड़ रहे हैं। जबकि विकास खंड चिकित्सा अधिकारी यहां बरसों से जमे हुए हैं परन्तु उन्हें न तो पशुओं के घायल होने से सरोकार है न ही उपचार से मतलब रहा है पशु चिकित्सालय का तो ढर्रा बिगड़ ही चुका है बल्कि इस क्षेत्र में पशु-चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की मनमानी भी किसी से छिपी नहीं रही तथा पशुओं के उपचार कराने पर भी चिकित्सकों सहित कर्मचारियों को उपचार का भी पैसा देना पड़ता है परन्तु इस खेल से न तो अधिकारी न ही शासन में बैठे लोगों की ही नींद टूट पा रही है जबकि पशुओं को लाने ले जाने तक की व्यवस्था शासन ने एम्बुलेंस की कर डाली । तब जिम्मेदार दवा न होने का कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं तथा घायल पशुओं को मौत के मुंह में जाने मजबूर होना पड़ता है।यही हाल वन विभाग का भी बना हुआ है इतने पशुओं के घायल करने के बाद भी वनविभाग इन सियारों को पकड़ने की कवायद शुरू तक नहीं की जिससे लोगों में रोष बढ़ रहा है।

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