राघवेन्द्र श्रीवास्तव सुल्तानपुर
सुल्तानपुर-राष्ट्रीय शिक्षा नीति में किए गए प्रावधानों के अंतर्गत, सरकारी स्कूल की प्राथमिक शालाओं में बच्चों का स्कूल के प्रति रुझान बड़े, बच्चे पढ़ाई के साथ अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़े, इसको लेकर नई शिक्षा नीति के तहत एफएलएन मेला का प्राथमिक शाला में आयोजन किया गया !
इसमें संकुल केंद्र ईट खेड़ी के अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य ग्राम दियावाडी की प्राथमिक शाला में इस मेले को लेकर संस्था में भव्य तैयारियां की गई !
प्राथमिक शाला को इस ढंग से संस्था के शिक्षकों द्वारा सजाया गया संवारा गया, की संस्था को देख स्कूली बच्चे क्या ग्रामीण भी संस्था को देख उमड़ पड़े ! दूरस्थ अंचल ग्राम दिया बड़ी आदिवासी बहुल के साथ खेतिहर मजदूरों की छोटी सी बस्ती है जहां बच्चों के तन पर कपड़े भी मुश्किल से होते हैं !
वहां के स्कूल के प्राथमिक शाला के बच्चों के सामान्य ज्ञान के सामने बड़ी-बड़ी कक्षा के बच्चे भी बोने साबित होते हैं ! और यह सब हो पाया है संस्था के शिक्षक सनमान सिंह के अथक प्रयासों से !
क्योंकि शिक्षक सनमान इसी संस्था में पड़कर आज शिक्षक हैं!
एफ एल एन मेले के। संस्था के बच्चों को संस्था में अलग-अलग स्टॉल लगाकर बच्चों को समझाया गया इसमें बौद्धिक विकास, बच्चों का कोना, शारीरिक विकास, भाषा विकास, पंजीकरण आदि की स्टॉल लगाकर बच्चों को इसकी विविध जानकारियां दी ! बच्चों को खेल-खेल के माध्यम से विभिन्न जानकारियां दी गई !
एवं शाला परिसर में मां सरस्वती की झांकी लगाकर बच्चों को वीणा वादिनी मां सरस्वती की आरती वंदना के साथ, मां सरस्वती के बारे में बच्चों को शिक्षक द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई !
दिया वाडी प्राथमिक शाला में एफ एल एन मेला बच्चों के लिए यादगार बन गया, इस मेले में संस्था के बच्चों के साथ गांव के पुरुष एवं महिलाओं ने भी उपस्थित होकर बच्चों का हौसला बढ़ाया !
दूरस्थ अंचल आदिवासी बाहुल्य ग्राम दिया वाडी की प्राथमिक शाला अनोखी पाठशाला है जहां का हर बच्चा ज्ञान का पिटारा है !
नसीम खान संपादक






