नसीम खान संपादक
सांची,,, विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है वैसे वैसे मतदाताओं की पूछपरख बढ़ना शुरू हो गई । मतदाताओं की चौखट तक पहुंचने का सिलसिला बढ़ गया तथा मोबाइल से भी संपर्क शुरू हो गये ।
जानकारी के अनुसार विधानसभा चुनाव आ चुके हैं तथा आचार संहिता भी लागू हो चुकी है । सांची विधानसभा क्षेत्र में दो ही प्रमुख दलों का आमना-सामना होता रहा है इस बार भी भाजपा की ओर से डाक्टर प्रभूराम चौधरी को पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया तो दूसरी ओर कांग्रेस ने भी डा जीसी गौतम को उम्मीदवार बनाया है अब भाजपा कांग्रेस में टक्कर मानी जा रही है तथा दोनों ही दलों का प्रचार भी बढ़ गया है लगातार जनसंपर्क में जुटे हुए हैं हालांकि दोनों ही दलों के उम्मीदवारों को अपनी अपनी पार्टी के अंदर से विरोध भी किसी से छिपा नहीं रहा है भाजपा के डॉ चौधरी की मुश्किल पार्टी के ही भीतर असनन्तुष्टो से बढ़ सकती हैं तथा विकास के बड़े बड़े वायदे धरातल से दूर दिखाई दे रहे हैं बताया जाता है कि मतदाताओं को लुभाने डा चौधरी की तरफ से लगातार प्रयास जारी हैं तथा मतदाताओं के पास फोन से भी संपर्क साधने का सिलसिला चल पड़ा है परन्तु मतदाताओं ने चुप्पी साध रखी है जबकि कांग्रेस की ओर से जीसी गौतम को उम्मीदवार बनाया गया है जबकि कांग्रेस में टिकट चाहने वालों की लंबी फेहरिस्त रही थी परन्तु टिकट न मिलने से नाराज़ कांग्रेस में भी कांग्रेसी नाराजगी बढ़ गई है तब कांग्रेस उम्मीदवार श्री गौतम की डगर भी आसान नहीं दिखाई दे रही है इस तरह दोनों ही दलों को अपने भीतर ही विरोध झेलना पड़ सकता है तथा अब जब विधानसभा चुनाव नजदीक आ गये है तब इस क्षेत्र के मतदाताओं की पूछ परख भी बढ़ गई है तब पांच साल बाद एक बार फिर मतदाता चुनाव मैदान में कूदने वालों के भगवान बन चुके हैं तथा घर घर पहुंच कर मतदाताओं के पांव पढ़ने का चलन शुरू हो गया है मतदाताओं को हर प्रकार के प्रलोभन देकर अपनी अपनी ओर आकर्षित करने की जुगत भिड़ाई जा रही है । जबकि मतदाताओं के मतों से चुनाव जीत कर जाने वालों के पांच साल तक मतदाता पांव में झुकते दिखाई देते हैं अब राजनीतिक दलों के चुनाव मैदान में कूदने वाले अब अपने लिए मत मांगकर चौखट चौखट दिखाई दे रहे हैं । हालांकि इन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतदाताओं को ही करना है यह समय ही निश्चित कर सकेगा।






