पेट की भूख मिटाने खेलने कूदने की उम्र में पतली रस्सी पर चलकर जद्दोजहद करती मासूम जिंदगी।

नसीम खान
सांची,,, वैसे तो सरकार गरीबों के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित कर रही है परन्तु यह योजना गरीबों से दूर दिखाई दे रही है जिससे खेलने कूदने की उम्र में मासूम बच्चे दस फिट ऊंची पतली रस्सी पर चलकर अपनी कला दिखा कर अपने पेट की भूख मिटाने जद्दोजहद करते दिखाई देते हैं जिससे इन बच्चों की जिंदगी से खेलने कूदने एवं शिक्षा काफी दूर हो चुकी है ।
जानकारी के अनुसार नगर में अपने पेट की भूख मिटाने बांसों के सहारे पतली रस्सी लगभग पच्चीस फिट लंबी एवं दस फिट ऊंची पर नंगें पांव एवं पांव में चप्पल पहन कर साढ़े सात साल की बच्ची अपनी जिंदगी दांव पर लगा कर अपनी कला दिखा कर लोगों से पेट की भूख मिटाने के लिए दर दर पैसा इकट्ठा कर अपने जीवन की गाड़ी चलाने की कवायद में परिवार सहित जुटे रहते हैं तथा अपने व अपने परिवार का पालन पोषण करने की कवायद में जुटे रहते हैं इसमें जुटे परिवार का 17 वर्षीय शिवकुमार ने बताया कि वह नाट जाति के छत्तीसगढ़ बिलासपुर के निवासी हैं तथा परिवार में लगभग छः सदस्य हैं जो साल भर अन्य प्रदेशों शहरों कस्बों में घूम कर अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए तथा कला दिखा कर पैसे इकट्ठा कर अपने जीवन की गाड़ी चला रहे हैं इस कला दिखाने में एक सात साल की मासूम बच्ची को दस फिट ऊंची पतली रस्सी पर चलकर अपनी कला का प्रदर्शन करना पड़ता है तथा कला दिखा कर लोगों से पेट की भूख मिटाने पैसा इकट्ठा कर जीवन की गाड़ी चला रहे हैं तथा इस मासूम बच्ची की कला देखकर कोई वीडियो तो कोई फोटो खींच कर ताली की गड़गड़ाहट से मासूम बच्ची का हौसला बढ़ाते दिखाई दे रहे थे । इस मामले में कला दिखाने वाले शिवकुमार ने बताया कि शासन की योजना तो चल रही है परन्तु हमें प्रयास करने के बाद भी लाभ नहीं मिल पाता जिस कारण हमें अपने परिवार की गाड़ी चलाने के लिए दूरदराज क्षेत्रों में जाकर अपनी कला दिखा कर परिवार के पालन पोषण की व्यवस्था जुटानी पड़ती है इस पेट भरने की कवायद के चलते हम एवं हमारे परिवार के बच्चे शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते हैं साथ ही उसने बताया कि यह कला का प्रदर्शन हमारे परिवार में पैतृक विरासत में मिला है यही काम हमारे बाप-दादा करते आए हैं हमें भी यही करना पड़ रहा है हम लोग चार पांच दिन मेहनत करते हैं तब जाकर हमारे हाथ में दो हजार रुपए आ पाते हैं हम सरकार की योजना का लाभ उठाने दर दर भटकने के बाद जब हमें लाभ नहीं मिल पाता तब हमारे सामने अपने परिवार का भरण-पोषण करने की जद्दोजहद करने के लिए अपनी विरासत में मिली इन कलाओं का प्रदर्शन करना पड़ता है अपने घरों से दूर रहने के कारण हम एवं हमारे परिवार के बच्चे शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते । हमें मजबूर होकर अपनी विरासत की कला का प्रदर्शन करना पड़ता है तथा छोटे छोटे बच्चों को पतली रस्सी पर चलकर अपनी कला दिखा कर पैसे इकट्ठा करते हुए अपने जीवन की गाड़ी चलाने मजबूर होना पड़ता है तथा अपने घरों से दूर रहकर खुले आसमान तले रहकर मेहनत करते हुए अपने जीवन को चलाने मजबूर होना पड़ता है इसके साथ ही हम लोगों को कच्ची टपरियों में रहकर जीवन गुजारने मजबूर होना पड़ता है हमने अनेक बार अपने घरों को बनवाने फार्म जमा भी किये गये परन्तु हम लोगों को सरकार की आवास योजना का लाभ भी नहीं मिल सका । उसने बताया कि जब सरकार की योजना हमें नहीं मिल पाती तब हमें अपने जीवन की गाड़ी चलाने मजबूर होना पड़ता था तथा हमारे साथ हमारे मासूम बच्चे भी पेट भरने की कवायद में बराबर भागीदारी निभाते हुए अपनी कला दिखा कर परिवार चलाने में भागीदारी निभाते हैं । जबकि सरकार की सैकड़ों योजना गरीबों के लिए क्रियान्वित हो रही है परन्तु हम गरीब लोगों से यह योजना कोसों दूर हो चुकी है जिससे हम दूरदराज क्षेत्रों में घूम घूम कर अपनी कला दिखा कर अपने जीवन की गाड़ी चला रहे हैं ।

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